अनोखा तीर, हरदा। हरदा आदर्श महाविद्यालय की रासेयो इकाई एवं रेड रिबन क्लब संयुक्त तत्वावधान में विश्व एड्स दिवस मनाया गया। जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी तपिश सोलंकी ने एड्स के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सबसे पहली बार, वर्ल्ड एड्स-डे 1 दिसंबर 1988 को मनाया गया था। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के 2022 के डाटा के मुताबिक, दुनिया भर में लगभग 3.6 करोड़ लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं। इससे बचाव और इसकी रोकथाम के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। इस मकसद के साथ वर्ल्ड एड्स मनाने की शुरूआत की गई थी। समाजकार्य के सहायक प्राध्यापक प्रभुदयाल उमरिया ने बताया कि एचआईवी संक्रमण को रोकने का एकमात्र तरीका है लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाए। लोगों को इसकी उत्पत्ति एवं प्रसार के बारे में बताया जाए ताकि लोग इस महामारी के दुष्प्रभाव से बच सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य जन-जन तक एचआईवी/एड्स एवं इसके रोकथाम से संबंधित सभी सूचनाएं एवं जानकारियां पहुंचाना है। इसके पश्चात सहायक प्राध्यापक गणेश विश्वकर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस कार्यक्रम में रेड रिबन क्लब की प्रभारी अंकिता यादव, वाणी धार्मिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



