रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर के स्टील्थ विध्वंसक पोत का अनावरण किया

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नई दिल्ली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की उपस्थिति में भारतीय समुद्री सीमा की रक्षा की चार 15 बी स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक परियोजनाओं में से तीसरे यार्ड 12706 (इम्फाल) का अनावरण किया। इस जहाज को शिखर पर ‘कंगला पैलेस’ और ‘कंगला-सा’ से सुसज्जित किया गया है। यह भारत की स्वाधीनता, संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति मणिपुर वासियों के बलिदान के प्रति श्रद्धांजलि है।

जहाज के शिखर पर बनाए डिजाइन में बाईं ओर ‘कंगला पैलेस’ और दाईं ओर ‘कांगला-सा’ को दर्शाया गया है। कांगला पैलेस मणिपुर का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है। यह महल प्राचीनकाल में मणिपुर के मेइतेइ राजाओं का निवास हुआ करता था। ड्रैगन के सिर और शेर के शरीर की आकृति के साथ सुसज्जित ‘कंगाला-सा’ मणिपुर के इतिहास का एक पौराणिक प्राणी है, और अपने लोगों के संरक्षक के रूप में जाना जाता है। ‘कांगला-सा’ मणिपुर का राज्य प्रतीक भी है।

इस युद्धपोत का डिजाइन भारतीय नौसेना युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने किया है और इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड मुंबई ने किया है। यह जहाज स्वदेशी जहाज निर्माण की पहचान है और दुनिया के सर्वाधिक तकनीकी रूप से उन्नत युद्धपोतों में से एक है। इस जहाज को एमडीएल ने भारतीय नौसेना को सौंपा था।

इस जहाज का आधार 7,400 टन है और लंबाई 164 मीटर है। यह विध्वंसक जहाज अत्याधुनिक हथियारों और प्रणाली से लैस है, जिसमें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एंटी-शिप मिसाइल और टॉरपीडो शामिल हैं। इसकी गति 30 समुद्री मील अर्थात (56 किमी प्रतिघंटा) से अधिक गति प्राप्त करने में सक्षम है।

इंफाल रखी गई थी और जहाज पानी में उतारा गया। जहाज अपने पहले समुद्री परीक्षणों के लिए रवाना हुआ था और बंदरगाह और समुद्र में परीक्षणों के एक व्यापक कार्यक्रम से गुजरा है, जिससे छह महीने की रिकॉर्ड समय-सीमा के भीतर इसे सेना को सौंपा गया।

परीक्षणों के हिस्से के रूप में, जहाज ने हाल ही में एक विस्तारित रेंज ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया। स्वदेशी विध्वंसक इंफाल का निर्माण और परीक्षण बहुत ही कम समय में किया गया है। जहाज की सुपुर्दगी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में प्रोत्साहन को दर्शाती है। यह एक समुद्री परंपरा और एक नौसैना की रीति है जिसके अनुसार कई भारतीय नौसेना जहाजों का नाम प्रमुख शहरों, पर्वत श्रृंखलाओं, नदियों, तालाबों और द्वीपों के नाम पर रखा गया है। भारतीय नौसेना को अपने नवीनतम और तकनीकी रूप से सबसे उन्नत युद्धपोत का नाम ऐतिहासिक शहर इम्फाल के नाम पर रखने पर अत्यंत गर्व है। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र के किसी शहर के नाम पर रखा जाने वाला पहला युद्धपोत है। इसके लिए राष्ट्रपति ने स्वीकृति दी थी।

इस अवसर पर सीडीएस जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और रक्षा मंत्रालय तथा मणिपुर सरकार के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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