अनोखा तीर, सिराली। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के दिव्य शक्ति भवन में मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी की 61वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आध्यात्मिक ज्ञान दिवस का आयोजन श्रद्धा, सम्मान एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच किया गया। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े भाई-बहनों ने मातेश्वरी जी के दिव्य जीवन, त्याग, तपस्या एवं आध्यात्मिक सेवाओं को स्मरण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं ईश्वरीय स्मृति के साथ किया गया। इस अवसर पर मातेश्वरी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित सभी भाई-बहनों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर बीके राजेश ने अपने उद्बोधन में कहा कि मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी ब्रह्मकुमारी संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका थीं, जिन्होंने अपने अलौकिक व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान और श्रेष्ठ संस्कारों के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि मातेश्वरी जी का जीवन सादगी, समर्पण, सेवा और आध्यात्मिकता का जीवंत उदाहरण था। उनका संपूर्ण जीवन यह संदेश देता है कि आत्मिक जागरूकता और परमात्म स्मृति के द्वारा व्यक्ति अपने जीवन को श्रेष्ठ एवं सफल बना सकता है। आज आवश्यकता है कि हम उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर अपने जीवन में दिव्य गुणों को धारण करें। बीके भव्यता बहन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मातेश्वरी जी को आध्यात्मिक ज्ञान का साकार स्वरूप माना जाता है। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और सदैव ईश्वर की स्मृति एवं सेवा में तत्पर रहीं। उनकी वाणी में गहन आध्यात्मिकता, मधुरता और आत्मिक शक्ति का अद्भुत समन्वय था। उन्होंने कहा कि मातेश्वरी जी के जीवन से हमें धैर्य, सहनशीलता, नि:स्वार्थ सेवा और आत्मिक स्थिति को मजबूत बनाने की प्रेरणा मिलती है। यदि हम उनके जीवन मूल्यों को अपनाएं तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान राजयोग मेडिटेशन का विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित जनों को आत्मचिंतन एवं परमात्म स्मृति का अनुभव कराया गया। साथ ही मातेश्वरी जी के जीवन पर आधारित प्रेरणादायक प्रसंगों एवं उनके अमूल्य महावाक्यों का वाचन किया गया। अंत में सभी ने मातेश्वरी जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार का संकल्प लिया। कार्यक्रम के पश्चात सभी को ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया।
मातेश्वरी जगदम्बा की 61वीं पुण्यतिथि पर मनाया आध्यात्मिक ज्ञान दिवस

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