भोपाल- सनातन के खिलाफ अगर कोई टिप्पणी करता है तो पार्टी की लीगल विंग को सक्रियता दिखाकर उसकी शिकायत करना चाहिए। अधिवक्ता अगर शिकायत के माध्यम से आगे नहीं आएगा तो सनातन का अपमान करने वालों के खिलाफ आवाज कौन उठाएगा।अधिवक्ताओं को पूरी गंभीरता के साथ सनातन के खिलाफ टिप्पणी करने वालों पर नजर रखकर उसकी शिकायत करना चाहिए। यह बात पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भोपाल में विधि प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित स्वागत कार्यक्रम में कही।
रविशंकर प्रसाद ने अधिवक्ताओं के साथ राम मंदिर और चारा घोटाला के लिए लड़ी गई कानूनी लड़ाई के अनुभव को साझा किया। रविशंकर प्रसाद ने किस तरह से ये प्रकाश में आए इसे विस्तार से बताया। रविशंकर प्रसाद ने सभी वकीलों को सलाह दी कि वह दिल्ली जाकर संविधान का मूल स्वरूप लेकर आए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अधिवक्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल के विकास के कामों को जन-जन तक पहुंचाना चाहिए। पक्षकारों को भी बाद कितना विकास हुआ है इस बारे में जानकारी देना चाहिए।
अधिवक्ताओं से चर्चा के दौरान रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वकील को लोग जानते भी हैं औऱ मानते भी हैं, इसलिए अच्छे कामों को बताने में परहेज नहीं करना चाहिए। आचार संहिता में किस तरह से भाजपा के विकास कामों को जनता तक पहुंचाया जा सकता है। पूरी गाइडलाइन का पालन करते हुए अपनी बात लोगों तक रखना चाहिए। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक अशोक विश्वकर्मा, जिला संयोजक विधि प्रकोष्ठ मलखान ठाकुर, जिला सह संयोजक अमन गर्ग सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और भोपाल बार एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे।
