फेस्टिव सीजन में साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। ग्वालियर समेत मध्यप्रदेश के कई स्थानों पर इंस्टेंट लोन ऐप के जरिए फ्रॉड के सामने आए हैं। स्कैमर्स ऐसे लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, जिन्हें पैसों की जरूरत है। क्राइम ब्रांच के साइबर विंग के सब-इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र शर्मा के मुताबिक जरिए ठगी की शिकायतें भी बढ़ने लगी है।
लोन का झांसा देकर ठगी
10-20 हजार रुपये लोन देने का झांसा देकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है। इससे लोगों के प्राइवसी पर खतरा भी बढ़ता है। स्कैमर्स पहले लोन देते हैं और बाद में बदनामी और ब्लैकमेल करते हैं। स्कैमर्स स्क्रीन शेयरिंग पर इंस्टेंट लोन का लिंक भेजते हैं। इस पर क्लिक करते ही यूजर्स की सारी पर्सनल जानकारी जैसे ही अकाउंट डिटेल्स, फोन का कंट्रोल उनके हाथों में चला जाता है। दूर बैठ स्कैमर्स आपके फोन को ऑपरेट करते हैं और बैंक अकाउंट पर अटैक करते हैं।
ठगी का तरीका, रहें सावधान
स्क्रीन शेयरिंग पर इंस्टेंट लोन ऐप का लिंक आता है, जिसे डाउनलोड करने को कहा जाता है। इसे डाउनलोड करते ही गैलेरी, डॉक्यूमेंट फाइल, कॉन्टेक्ट्स, मैसेंजर, लोकेशन इत्यादि का एक्सेस स्कैमर्स को मिल जाता है। यदि कोई व्यक्ति इसे “Deny” करता है तो उसे लोन नहीं मिलता है। वहीं लोन देते ही ब्लैकमेलिंन का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। शुरुआत में 10% ब्याज पर लोन ऑफर करते हैं, जो बाद में बढ़कर 100% हो जाता है। भुगतान न करने पर एक नोटिस आता है। इतना ही नहीं इस नोटिस को यूजर्स के कॉन्टेक्ट्स को भी भेजा जाता है। गैलेरी हैक करके फोटो को अश्लील बनाकर ब्लैकमेल भी किया जाता है।
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