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Tuesday, 3 November 2026
मध्य प्रदेश राष्ट्रीय सुर्खियाँ हरदा

आचार संहिता का साईड इफेक्ट पहले छिपाएंगे प्रधानमंत्री का फोटो, तब बटेगा यूरिया खाद

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नितेश गोयल, हरदा। किसान इन दिनों खरीफ की फसल औने-पौने दामों पर बेचकर किसी तरह रबी फसल की तैयारी में जुटा हुआ है। गेहूं की फसल के लिए यूरिया खाद महत्वपूर्ण होता है। हर बार यूरिया की कमी के कारण किसान परेशान हो जाते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है, गोदामों में हजारों बोरी यूरिया आ चुका है, लेकिन उस यूरिया खाद का वितरण सिर्फ एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो के कारण नहीं हो पा रहा है। इस बार जो रैक लगी थी, उसमें यूरिया खाद पर प्रधानमंत्री का फोटो लगा हुआ है, चूंकि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है, जिसके चलते आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। खाद वितरण में प्रधानमंत्री का फोटो होने के कारण उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि जब तक फोटो को छिपाया या मिटाया नहीं जाएगा, तब तक किसानो को खाद न बेचा जाए। लेकिन देखने वाली बात यह है कि यूरिया खाद की बोरी पर लगे फोटो को छिपाने का कार्य कोई सरल कार्य नहीं है। हजारों की मात्रा में खाद की बोरिया हैं। इन वजनदार बोरियों को एक-एक कर हटाना और उस पर छपे प्रधानमंत्री के फोटो को छिपाने का कार्य बड़ा ही मुश्किल भरा है। देखने वाली बात यह भी है कि २६६ रुपए की इस बोरी में यदि सहकारी समिति द्वारा प्रधानमंत्री के फोटो छिपाने में जो मशक्कत की जाएगी और इसमें जो अत्यधिक धनराशि व्यय होगी उसका समायोजन कैसे होगा। यह समिति संचालकों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। लेकिन यूरिया की बोरी पर लगे प्रधानमंत्री के फोटो अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। कोई भी खाद विक्रेता या सहकारी समिति इस बेफिजूल के पचड़े में नहीं पड़ना चाहती। इसलिए खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प पड़ गई है और किसान खाद के लिए चक्कर लगाने को मजबूर हो रहा है।

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