अनोखा तीर, हरदा। जिले में अवैध मादक पदार्थ एमडी पावडर की खरीद-फरोख्त पर पुलिस ने सख्त रूख इख्तियार किया है। दो दिन पहले सिटी कोतवाली पुलिस ने जहां घेराबंदी कर तीन युवकों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से ४० लाख रूपये का एमडी पावडर जब्त करने में सफलता हासिल की थी। वहीं इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने गुरूवार को सवा लाख से ज्यादा की एमडी ड्रग्स बरामद करने में कामयाबी प्राप्त की है। सिविल लाइन थाना प्रभारी रिीक्षक संतोष चौहान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक संजीव कंचन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश्वरी महोबिया के नेतृत्व तथा अनुविभागीय अधिकारी अर्चना शर्मा के निर्देशन में सिविल लाइन पुलिस ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रखे हुए है। इसी क्रम में गुरूवार को मुखबिर से खबर मिली कि एक लड़का जो कि लाल रंग की फुल टीशर्ट व नीले रंग की जीन्स पेन्ट तथा काले रंग का गमछा डाले हुए है। उसकी घनी दाढी व काले घुघराले बाल हैं। वहीं दिखने में दुबला पतला है। जो कि एमडी पाउडर बेचने की फिराक में मानपुरा में घुम रहा है। जिसका किसी ग्राहक से दोपहर एक बजे आसपास सौदा होने की खबर है। श्री चौहान ने बताया कि इतना मालूम पड़ते ही पुलिस की एक टीम गठित कर उक्त संदिग्ध लड़के को पकड़ने के लिये पाबंद किया गया। इस बीच पुलिस न मुखबिर के बताये स्थान पर अपना जाल बिछाकर उसका इंतजार किया जा रहा था। तभी दोपहर एक बजे उसी हुलिये का लड़का मानपुरा स्थित मसानिया वाले कच्चे रास्ते पर पहुंचा। जिसे वहां मौजूद पुलिस ने घेर लिया और हिरासत में लेकर पुछताछ की। पुछताछ में युवक ने अपना नाम फराज उर्फ मलिक खान पिता फईद उम्र 26 साल निवासी पत्ती बाजार मानपुरा होना बताया गया। इस दौरान उसकी तलाशी लेने पर जीन्स पेन्ट की जेब में एक प्लास्टिक की पॉलीथिन में दानेदार एमडी पाउडर बरामद हुआ। जिसका वजन करीब 7 मिलीग्राम कीमत करीबन 1 लाख 35 हजार रूपये बताई जा रही है।
एनडीपीएस एक्ट अंतर्गत कार्रवाई
सिविल लाइन थाना प्रभारी संतोष चौहान ने बताया कि आरोपी के कब्जे से ड्रग्स बरामद करने के बाद उसे थाना लेकर आए। जहां अवैध मादक पदार्थ को विधिवत जब्त कर अपराध कमांक 372 / 23 धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
कार्रवाई में इनकी अहम भूमिका
संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी संतोष सिंह चौहान, एसएसपी रिपुदमन सिंह राजपूत, एसएसपी सुनील गुप्ता, प्रधान आरक्षक कुलदीप सिंह भदोरिया, नवीन चौधरी, आरक्षक प्रदीप मालवीय, सायबर सेल से आरक्षक कमलेश परिहार, राहुल वर्मा, सुनील शर्मा, सैनिक सूरज पासी और संतोष ओझा की अहम भूमिका रही।

