पुरूषोत्तम मास में प्रभुद्वय की आराधना…. भगवान को 56 भोग लगाकर की महाआती

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अनोखा तीर, हरदा। इस बार पूरे 18 सालों के बाद श्रावण माह में अधिक मास का पुण्य योग बना है। जिससे संपूर्ण वातावरण शिवभक्ति में लीन नजर आ रहा है। क्षेत्र में मठ-मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों के अलावा घर-घर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान का दौर जारी है। इसी कड़ी में शहर के गोलापुरा में रहने वाले सराफ परिवार के यहां विगत 40 सालों से श्रावण के महिने में भगवान भोलेनाथ की विशेष आराधना अनवरत जारी है। इस दौरान प्रतिदिन अभिषेक-पूजन एवं आरती की जा रही है। जिसकी मुख्य कामना पूरे परिवार के मध्य घनिष्ठता का संचार एवं सुखमय जीवन की प्रार्थना की जाती है। सराफ परिवार के मुखिया चन्द्रशेखर पांडे के ज्येष्ठ पुत्र एवं मुख्य यजमान प्रेमशंकर पांडे ने बताया कि भगवान भोलेनाथ के अभिषेक पूजन में पूरा परिवार सहभागी बनता है। जिससे प्रभु भक्ति का आनंद चार गुना बढ़ जाता है। इस बार अधिकमास के चलते दो महिने अनुष्ठान की तैयारी है। इस बीच पहले भगवान भोलेनाथ फिर भगवान लक्ष्मीनारायण का अभिषेक किया जाता है। उन्होंनें बताया कि पंचमी यानि रविवार को प्रभुद्वय को 56 भोग लगाकर प्रसन्न किया गया। वहीं अंत में महाआरती की गई।

पूजा का विशेष महत्व

सराफ परिवार में पंडित मुकेश शर्मा ग्राम बापचा के सानिध्य में प्रतिदिन पूजा चल रही है। पंडित श्री शर्मा के मुताबिक श्रावण के साथ-साथ अधिकमास होने का कारण भगवान शिव एवं लक्ष्मीनारायण के अनुष्ठान का खासा महत्व है।

पावन योग में अनुष्ठान

यह पावन पुण्य योग सालों बाद बना है। जिसे प्रभु मिलन भी कहा जाता है। ऐसे समय पर परिवार की एकजुटता अनुष्ठान को सार्थक करता है। वहीं अनुष्ठान के मुख्य यजमान के साथ-साथ सहयोगी यजमानों की भी सारी मनोकामनाएं मनोरथ होती हैं।

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