विभागीय लेटलतीफी के कारण बढ़ रही परेशनियां

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कटे सागौन का सत्यापन कराने दफ्तरों के काटना पड़ रहा चक्कर, महिला कृषक बोली…

 

अनोखा तीर, हरदा। निकटवर्ती ग्राम ऊडा की एक महिला कृषक को अपने खेत में सागौन के पेड़ लगाने के बाद अब जब उसे काटकर बेचने की बारी आई तो उन्हें दिक् कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि महिला कृषक ने बकायदा सभी 118 सागौन के पेड़ का रजिस्टे्रशन कराया है। वहीं नियमों का पालन कर उनमें से 111 पेड़ की कटाई भी पूर्ण हो चुकी है। लेकिन अब मामला कटे सागौन का सत्यापन कर उसके परिवहन की अनुमति पर अटका है। इसको लेकर महिला कृषक शांतिबाई पुत्री हद्यराम गुर्जर को दफ्तरों के चक्कर काटना पड़ रहा है। इस संबंध में श्रीमती गुर्जर ने 15 मई २०२३ को एक आवेदन दिया। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। इसके बाद 13 जून को पुन: एक आवेदन देकर कटे सागौन का सत्यापन कराए जाने की गुहार लगाई। बावजद विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों ने कोई पहल नही की। थक-हारकर महिला कृषक ने आखिरकार सीएम हेल्पलाइन पर गुहार लगाना बेहतर समझा और शिकायत दर्ज कराई है। शांंतिबाई के मुताबिक उनका खेत नदी के किनारे पर है। करीब 20 पहले किनारें पर सागौन के पेड़ लगा दिए थे, जो पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। उन्होंनें कहा कि एक तरफ सरकार बेशकीमती वृक्षों का रोपण करने के लिये प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग उनकी मंशाओं पर पानी फेर रहा है। जिसका किसानों के बीच विपरीत संदेश जाना लाजमी है। यही हाल रहा तो किसान कैसे इस दिशा में आगे बढेंगे। शासन की मंशा अनुरूप किसानों को सुविधा तथा सहायता मुहैया कराई जाना चाहिये। अंत में श्रीमती गुर्जर ने खेत में पड़ी कटी हुई सागौन का अविलंब सत्यापन करने की मांग की है। अन्यथा बारिश के चलते उनका परिवहन दिक्कतों से भरा साबित होगा।

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