गांव की बेटियां बनी स्टोरी टेलर गाइड

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नितिन दत्ता, तामिया छिन्दवाड़ा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन परियोजना के अंतर्गत जिले के आदिवासी अंचल तामिया की युवतियों को स्टोरी टेलर की ट्रेनिंग दी है। ट्रेनिंग लेने वाली युवतियों के कदम अब आत्मनिर्भर बनने की तरफ बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर हुई गांव की बेटियां तामिया-पातालकोट घूमने आने वाले पर्यटकों को गाइड की तरह पूरा अंचल घुमाकर नई-नई जानकारियां दे रहीं हैं। इससे स्टोरी टेलर युवतियों की आय भी हो रही है और पातालकोट के बारे में पर्यटक अच्छे तरीके से समझ रहे हैं। पातालकोट टूरिस्ट इंफरमेशन सेंटर ट्राइब स्कैप के पवन श्रीवास्तव के माध्यम से यह युवतियां कार्य कर रहीं हैं। तामिया अंचल में रहने वाली शरद कुमारी, खुशी कहार, जानकी भारती, लक्ष्मी उइके, शीतल उइके व बबीता सहित स्टोरी टेलर की ट्रेनिंग ले चुकी युवतियां पर्यटकों को राजाखोह की गुफा, तुलतुला पहाड़, तामिया माउंट घुमा चुकी हैं। करीबन हर वीकेंड पर अब आसपास के जिलों सहित पूरे मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र से पर्यटक तामिया और पातालकोट घूमने आते हैं। परिवार सहित घूमने आए पर्यटक महिला गाइड को देखकर खुद को सुरक्षित भी समझते हैं।

महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दिनों रतलाम जिले से तामिया घूमने आये प्रतीक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि महिला गाइड के साथ तामिया माउंट, छोटा महादेव और तुलतुला पहाड़ घूमना रोमांचकारी था। हम आकर घूम जाते लेकिन गाइड के रूप में कई जानकारी हमें इन युवतियों से मिली हैं। स्टोरी टेलर का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी इन युवतियों ने अब तक 20 से अधिक गु्रप को ट्रेकिंग आदि करवाकर तामिया-पातालकोट घुमाया है जिससे इनकी आय भी शुरू हुई है। स्टोरी टेलर के रूप में पर्यटकों को घुमाने पर इन्हें दो घंटे में दो सौ से सात सौ रूपये तक मिलते हैं। शरद कुमारी कहती हैं कि यह तो केवल शुरूआत है, आगे अभी और मंजिलें बाकी हैं।

कतर में रहने वाले परिवार को करवाई पातालकोट की सैर

स्टोरी टेलर शीतल और बबीता ने पिछले दिनों कतर में रहने वाले एक परिवार को पातालकोट की सैर करवाई। यह परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र के वर्धा जिले का है, लेकिन प्रवासी भारतीय के रूप में कतर में रहता है। इनके अलावा युवतियों ने डॉक्टर गु्रप जबलपुर व सागर के साथ पिछले दिनों वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी के परिवार को और महाराष्ट्र से आएकई परिवारों को तामिया-पातालकोट के कई अनदेखे दृश्यों सहित छोटा महादेव आदि घुमाकर अपने कदम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा लिए हैं।

इंडियन ग्रामीण सर्विसेस ने दिया एक माह का प्रशिक्षण

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल पर इंडियन ग्रामीण सर्विसेज के सहयोग से पातालकोट टूरिस्ट इंफरमेशन सेंटर से इन्हें स्टोरी टेलर की ट्रेनिंग मिली है। मास्टर ट्रेनर पवन श्रीवास्तव कहते हैं कि युवतियों में अपने काम के प्रति समर्पित भाव है, उन्हें जिला पुरातत्व, पर्यटन व संस्कृति परिषद ने इन युवतियों को प्रमाण पत्र व परिचय पत्र भी दिए हैं।

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