बैतूल विधानसभा की दो कांग्र्रेसी ग्राम पंचायतो प्रदेश के मुख्यमंत्री से है एलर्जी

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बैतूल :- प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा बीते वर्ष 2023 में शुरू की गई ग्राम गौरव दिवस की घोषणा का बैतूल जिले में मौजूद दस जनपदो एवं 556 ग्राम पंचायतो तथा 10 नगरीय क्षेत्रो में कितना परिचालन हुआ इस बात पर भाजपा और प्रदेश सरकार चिंता कर ले तो उन्हे पता चल जाएगा कि जिले में भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बीते चुनाव में भाजपा को मात्र एक सीट मिली थी लेकिन इस बार पांचो सीट और लोकसभा का चुनाव भी भाजपा जीत नहीं पाएगी क्योकि ग्राम पंचायत का रोजगार सहायक से लेकर जिला मुख्यालय पर बैठा अधिकारी इस बात की समीक्षा करने को तैयार नहीं कि आखिर क्यों बैतूल जिले की ग्राम पंचायतो एवं नगरीय क्षेत्रो ने चुनावी वर्ष के 5 महीने बीत जाने के बाद भी अपना ग्राम गौरव दिवस क्यों नहीं मनाया।

जिला कलेक्टर हर छोटी से छोटी बातो को टी एल में रखने काी बाते करते है लेकिन कलेक्टर से कोई पुछे कि उनके जिले में माह जनवरी 2023 से लेकिन 30 मई 2023 तक कितनी ग्राम पंचायतो और नगरीय क्षेत्रो ने अपना गौरव दिवस मनाया…? सबसे शर्मसार बात तो यह रही कि बैतूल नगर पालिका ने तक अपना गौरव दिवस नहीं मनाया….?  जिस 15 मई 2023 को गौरव दिवस मनाने का नगर पालिका प्रचार कर रही है दर असल में वपह तारीख जिला मुख्यालय बेतूल का स्थापना दिवस है। नगर पालिका के द्वारा आयोजित – प्रायोजित कार्यक्रम में 201 स्थापना दिवस लिखा हुआ था। यहां पर सबसे अधिक लज्जाजनक बात यह सामने आई वह यह है कि 15 मई को जिस भाजपा शासित नगर पालिका जिसकी अध्यक्ष श्रीमती पार्वती बाई बारस्कर और भाजपा सासंद दुर्गादास उइके तक सीएमओ से यह पुछने की हिमाकत तक नहीं कर पाए कि यह स्थापना दिवस है या गौरव दिवस….? एक ओर भाजपा बुथ स्तर पर नए सदस्यो को भाजपा से जोडऩे के लिए भोज पॉलटिक्स करने जा रही है वही पर ग्राम गौरव दिवस न मनाने के पीछे की वजह सामने आने पर भाजपा किसी को मुंह दिखाने के लायक दिखाई नहीं देगी..?

बैतूल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के विधायक का डर और जलवा इस कदर कायम है कि उनकी मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिल पाता है। जिला कलेक्टर से लेकर ग्राम पंचायत का सचिव भी बैतूल विधायक के सामने चू पटर करने की हिमाकत नहीं कर सकता जिसका ताजा प्रमाण एक नहीं बल्कि दो है। पहला प्रमाण है ग्राम धनोरा जिसे पारसडोह धनोरा कहा जाता है। इस कांग्रेसी गांव ने पिछली बार अपना ग्राम गौरव दिवस पर पीछे बैनर में प्रदेश के मुख्यमंत्री की तस्वीर तक नहीं लगी। भाजपा सासंद ग्राम धनोरा पहुंचे जरूर उस कार्यक्रम में लेकिन पर्दे के पीछे सचिव पर बैतूल विधायक और उनके समर्थको का ऐसा प्रेशर बना रहा कि पूरे कार्यक्रम में प्रदेश सरकार पर्दे से लेकर बैनर तक से गायब रही। इस वर्ष भी ग्राम धनोरा आठनेर को अपना ग्राम गौरव दिवस मनाना था लेकिन ग्राम गौरव दिवस से शिवराज और सरकार दोनो को लाभ मिलेगा साथ ही सरकारी योजनाओ का प्रचार – प्रसार होगा इसलिए ग्राम गौरव दिवस मनाना ही उचित नहीं समझा…?

इसी तरह ग्राम रोंढ़ा जो कि जिला मुख्यालय के सबसे करीब है इस गांव में बीते वर्ष भारी प्रशासनिक दबाव के ग्राम पंचायत के सचिव ने कांग्रेसी विधायक और उसके समर्थको के दबाव के चलते भारी मन से ग्राम गौरव दिवस मनाया जिसमें पंचायत की ओर से मात्र बैनर लगा बाकी सब खर्चा किसी और के द्वारा किया गया। उस समय ग्राम पंचायत के चुनाव नहीं हुए थे। इस कार्यक्रम में भाजपा के सासंद डी डी उइके को आना था लेकिन मजेदार बात यह रही कि अपने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा शुरू की गई ग्राम गौरव दिवस कार्यक्रम में भाजपा के सदस्य एवं पदाधिकारी तक नहीं आए। इस बार भी जब गांव का सरपंच कांग्रेसी और विधायक का करीबी चुना गया तब पूरे गांव से भाजपा गधे के सिंग की तरह गायब हो गई और नतीजा यह निकला कि 23 मई 2023 को ग्राम गौरव दिवस का कार्यक्रम नहीं हो सका। ग्राम गौरव दिवस कार्यक्रम के बहाने अपनी सरकार और अपने जनप्रतिनिधियों के द्वारा किए गए विकास कार्यो की जानकारी ग्राम के लोगो को दी जानी थी लेकिन ग्राम पंचायत रोंढ़ा में विधायक और उसके समर्थक की जलवा इस कदर छाया हुआ है कि एक सरकारी कार्यक्रम जिसके बैनर में मुख्यमंत्री , प्रधानमंत्री की तस्वीर लगनी थी, प्रदेश सरकार के विकास कार्यो की जानकारी दी जानी थी लेकिन ग्राम रोंढ़ा में ऐसा कुछ हो नहीं सका….?

ग्राम रोंढ़ा में ग्राम गौरव दिवस न मनाने की मजबूरी पंचायत का सचिव बता चुका था इस बात की जानकारी जिला कलेक्टर से लेकर जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम गौरव दिवस की तारीख से 2 दिन पूर्व दी जा चुकी थी लेकिन जिले के दो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ग्राम पंचायत के सचिव से यह पुछने की हिमाकत तक नहीं कर पाए कि पिछले वर्ष ग्राम गौरव दिवस मना तो इस वर्ष क्यों नहीं मनाया जा सका। ऐसे समय में जब आर एस एस के सर्वे में यह बात का खुलासा हो चुका है कि जिले में भाजपा की दाल पतली है लेकिन भाजपा संगठन अपनी पतली का दोना भी संभाल नहीं पा रही है। बैतूल जिले में भाजपा की दशा एवं र्दुदशा बताने के लिए आठनेर जनपद का ग्राम धनोरा एवं बैतूल जनपद का ग्राम रोंढ़ा काफी है जहां पर भाजपा की प्रदेश सरकार मे कांग्रेसी विधायक निलय विनोद डागा के आगे पंचायत सचिव से लेकर जिला मुख्यालय के अधिकारी तक पानी भरते देखे जा सकते है। भाजपा इन दो गांवो से यदि सबक नहंीं सीख पाई तो बेहतर अच्छा मैनेजमेंट का खिताब हासिल करने वाले हेमंत खण्डेलवाल के लिए आने वाले चुनाव में सबसे बड़ी परेशानी का सबक बनेगी ग्राम पंचायत की सरकारी मिशनरी जो पूरी तरह से कांग्रेस की पालतु बिल्ली बनी दुध दही मलाई चखने में लगी हुई है।

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