बैतूल – कबाड़ से बनी घड़ी को लेकर प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी एवं कैंसर फाईटर, समाजसेवी हेमंतचंद्र दुबे बबलू ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि जब बात बैतूल बनने के 201 साल की हो और इस अवसर पर घड़ी का बैतूल की ब्रांड एंबेसेडर श्रीमती नेहा गर्ग द्वारा नगर वासियों को भेंट किया जाना बैतूल शहर के लिए सुखद अहसास हैं क्योंकि किसी भी शहर के इतिहास में समय का ही महत्व है जो वहां की संस्कृति, इतिहास और विकास को दर्शाता हैं। दुनिया के हर शहर में घड़ी ही शहर की कहानी कहती है।
घड़ी के घूमते हुए कांटे ही समय का संकेत देते हैं, लंदन की बिग बैन की दुनिया भर में चर्चा होती है और बिग बैन लंदन शहर की पहचान दुनिया में कराती हैं।
हमारे प्रदेश में जबलपुर, हरदा, खंडवा नगर की पहचान घंटाघर पर लगी बड़ी घड़ी से होती है। घंटाघर पर लगी उस घड़ी को कौन भूला सकता हैं? घड़ी हमारे दैन दिन की दिनचर्या का हिस्सा होती हैं। कैंसर की रोकथाम की दृष्टि से यदि इस घड़ी को देखता हूं तो यही संदेश सामने आता है कि यदि घातक बीमारी कैंसर का सही समय में उपचार हो जाए तो असमय होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।
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