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Saturday, 17 October 2026
हरदा

लाड़ली बहना योजना के संबंध में रोजगार सहायकों व सचिवों को दी ट्रेनिंग

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अनोखा तीर, हरदा। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना हाल ही में प्रारम्भ की गई है। इस योजना के आवेदन गांव-गांव में 25 मार्च से पंचायत द्वारा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए पंचायत सचिवों व रोजगार सहायकों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्टर ऋषि गर्ग ने ग्राम करताना, छिंदगांवमेल, टेमागांव का दौरा कर पंचायत सचिवों व रोजगार सहायकों को योजना के बारे में समझाया तथा योजना से संबंधित फोल्डर वितरित किए। इसके अलावा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोहित सिसोनिया ने भी सोडलपुर, रहटगांव एवं कायदा ग्राम का दौरा कर पंचायत सचिवों को योजना के बारे में बताया और फोल्डर वितरण किए। कलेक्टर श्री गर्ग ने इस दौरान कहा कि किसी भी महिला का लाड़ली बहना योजना संबंधी आवेदन की पात्रता की जांच नहीं करना है बल्कि महिला के घोषणा पत्र के आधार पर उसका आवेदन पोर्टल पर ऑनलाइन दस्तावेजों सहित अपलोड करना है। कलेक्टर श्री गर्ग ने इस दौरान बताया कि महिलाओं के ई-केवाईसी सत्यापन की प्रक्रिया गांव की निकटतम उचित मूल्य की दुकानों में की जा सकती है। कलेक्टर श्री गर्ग ने इस दौरान कहा कि निर्धारित समय सीमा में प्राप्त सभी आवेदनों के आधार पर अनंतिम सूची तैयार की जाएगी तथा इस सूची के संबंध में दावे आपत्ति आमंत्रित किए जाएंगे। विवाहित महिलाओं के अलावा विधवा, तलाक शुदा एवं परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र होगी।

किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाड़ली बहना योजना का लाभ

योजना में ऐसी महिलाएं अपात्र होंगी, जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित सालाना आमदनी ढाई लाख रूपये से अधिक है, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता है, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार के सरकारी विभाग, उपक्रम, मंडल, स्थानीय निकाय में नियमित या स्थाई कर्मी या संविदा कर्मी के रूप में नियोजित है तथा सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्राप्त कर रहा है। ऐसी महिलाएं भी अपात्र होंगी जो स्वयं केन्द्र सरकार या राज्य सरकार की किसी योजना में प्रतिमाह एक हजार रूपये या उससे अधिक की राशि प्राप्त कर रही हैं, जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद अथवा विधायक है। ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा मनोनीत बोर्ड, निगम, मंडल, उपक्रम का अध्यक्ष, संचालक अथवा सदस्य है, वे महिलाएं भी अपात्र होंगी। योजना में ऐसी महिलाएं भी अपात्र होंगी जिनके परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकायों में निर्वाचित जन-प्रतिनिधि पंच व उप सरपंच को छोड़ कर है। इसी तरह जिनके परिवारों के सदस्यों के पास संयुक्त रूप से कुल पांच एकड़ से अधिक भूमि है या परिवार के सदस्यों के नाम से पंजीकृत वाहन ट्रेक्टर या अन्य चार पहिया वाहन हैं, वे भी अपात्र होंगी।

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