नाबालिक गर्भवती ने बचाया, फिर भी नवल को 10 साल की सजा

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खंडवा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्राची पटेल खण्डवा की न्यायालय ने नवल पिता रामसिंह, उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम जुनापानी थाना नर्मदानगर को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
एक युवती अपने मामा के घर से वापस आ रही थी उसी समय नवल नाम के युवक ने उसका अपहरण कर लिया। पुलिस ने पुलिस में शिकायत के बाद युवती को थाने लाया गया तो युवती ने नवल नाम के व्यक्ति के पक्ष में बयान दिया। उसने जो घटनाक्रम सुनाया वह चौंकाने वाला था। युवती गर्भवती थी, तब नाबालिग थी। उसे डिलीवरी हुई तब बालिग हो गई। अदालत में सारे साक्ष्य रखे गए तो युवक के खिलाफ ही फैसला आया। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी मो. जाहिद खान ने बताया कि युवती ने बताया कि मैं नवल पिता रामसिंह को पिछले 2 साल से जानती पहचानती हूँ। नवल मेरे भाई का दोस्त होने के कारण मेरे घर आता जाता था। फिर उसके बाद नवल और मेरे में प्यार हो गया और हम दोनों पति पत्नी जैसे मिलते थे। और मेरे साथ कही बार शारीरिक संबंध बनाये, जिससे मुझे 10 माह पहले गर्भ हो गया। नवल मुझे बहला फुसलाकर इंदौर ले गया और वहां रेल्वे स्टेशन के पास झोपडी बनाकर रखा। वहीं पर मुझे लाल अस्पताल में नवल से एक पुत्री का जन्म हुआ था। नवल ने मेरे साथ इंदौर में भी कई बार पति पत्नी जैसे शारीरिक संबंध बनाए थे। घटना के समय पीडि़ता की उम्र 17 वर्ष थी। जब पीडि़ता वापस दस्तयाब हुई तब उसने एक पुत्री को जन्म दे चुकी थी। न्यायालय में अभियोजन द्वारा यह साबित किया गया है कि पीडि़ता नाबालिक थी। तभी उसे गर्भ ठहरा था। इसी आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध पाया, जबकि न्यायालय में पीडि़ता और उसके माता पिता ने अभियुक्त के पक्ष में बयान दिए थे। अभियोजन ने उन्हें पक्षद्रोही घोषित किया था। अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी  रूपेश तमोली द्वारा किया गया।

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