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Monday, 19 October 2026
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कृष्ण जी ने अपनी एक उंगली* *पर उठाया था गोवर्धन पर्वत

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*पंडित माधवानंद गिरी* 

 *महाराज*

 *आठनेर मुकेश सोनी*

नगर से 10 किलोमीटर दूर पुसली ग्राम में सोलंकी परिवार द्वाराआयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महापुराण में सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में भागवताचार्य पंडित माधव आनंद गिरि महाराज मुलताई वाले के मुखारविंद से यह भागवत पुराण 10 फरवरी 2023 से 16 फरवरी 2023 तक प्रति दिवस प्रारंभ है आज कथा के पांचवें दिन पंडित माधवानंद गिरी महाराज ने बताया कि भगवान कृष्ण ने अपनी एक छोटी सी उंगली पर यह गोवर्धन पर्वत उठाया था परंतु यह पर्वत उन्होंने क्यों उठाया था इसके संबंध में उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि त्रेता युग में जब माता सीता का पता लगाने के लिए जब लंका हनुमान जी गए और माता सीता का पता लगाया था पूरी वानर सेना के साथ सभी को लंका पर चढ़ाई करना था बीच में समुद्र अड़ंगा बना हुआ था जिसके कारण पूरी वानर सेना समुद्र लांग नहीं सकती थी इस हेतु जब समुद्र पर सेतु बनाने का कार्य चल रहा था तब उन्होंने हनुमान जी ने यह गोवर्धन पर्वत उठाकर वहां ले गया था परंतु जब तक नल नील ने वह वह सेतु बनाकर कार्य पूरा हो चुका था जिस पर भगवान राम ने हनुमान जी से कहा था कि यह पर्वत आप जहां से लाए हो उसे वहां पहुंचा दो परंतु जब या पर्वत ने उनसे कहा कि प्रभु मैं आपकी किसी कार्य में नहीं आ पा रहा हूं तब भगवान राम ने उनसे कहा था कि गोवर्धन मैं तुझे द्वापर युग में अपनी एक उंगली पर नचा लूंगा इस संबंध में कथा को विसरतरूप देते हुए पंडित माधवा नंद गिरी जी महाराज ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन उठाकर जहां गोकुल वालों की रक्षा की थी वही भगवान कृष्ण की अनेकों लीला पर उन्होंने प्रकाश डाला इस अवसर पर भारी संख्या में उपस्थित जनसमुदाय इस भागवत कथा का श्रवण कर रहे है वही सभी ग्राम वासियों के द्वारा अन्नकूट एवं छप्पन भोग का भी आज निवध भगवान को लगा इस भागवत कथा में भगवान कृष्ण बलिराम की मनमोहक झांकियां भी प्रस्तुत की गई जिस पर सभी ने हर्षोल्लास से भगवान कृष्ण बलराम का अभूतपूर्व स्वागत कर पुष्प वर्षा कर भगवान के सभी ने चरण स्पर्श किए

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