Skip to content
Thursday, 22 October 2026
खरगोन

सम्मेद शिखरजी बचाओ आंदोलन में सरकार के फैसले का जैन समाज ने किया विरोध

2 min read
Text Size:

 

 

विकास पवार

बड़वाह – झारखंड राज्य में स्थित जैन समाज के पवित्र धार्मिक स्थल सम्मेद शिखर को केंद्र सरकार द्वारा पर्यटक स्थल घोषित करने के विरोध में बड़वाह के सकल जैन समाज मे आक्रोश व्याप्त है । सकल जैन समाज ने सम्मेद शिखर बचाओ आंदोलन के देशव्यापी आह्वान पर शनिवार दोपहर 3 बजे कवर कालोनी स्थित दिगंबर जैन मंदिर से समाजजनो ने मोन रैली निकाली ।उक्त रेली शहर के महेश्वर रोड,जय स्तम्भ चौराहे होकर मुख्य चौराहे,एमजीरोड होकर एसडीएम कार्यालय पहुंची । जहा समाज सदस्यो ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर सम्मेद शिखर को पर्यटक स्थल की सूची से बाहर करने की मांग रखी।समाज अध्यक्ष कैलाश चंद जैन ने बताया कि सभी समाजजनो ने शहर में एक विशाल मोन रैली निकाल कर अपना विरोध प्रकट किया है ।जैसा की ज्ञात है की झारखंड स्थित सम्मेद शिखर 20 जैन तीर्थंकर और अनंत संतों का मोक्ष स्थल हैं । वहीं सम्मेद शिखर का कण-कण जैन समाज के लिए पूज्यनीय है । लेकिन 2 अगस्त 2019 को तत्कालीन झारखंड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन में स्थित सर्वोच्च जैन शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर को वन्यजीव अभयारण्य का एक भाग मान कर इको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत पर्यावरण पर्यटन और अन्य गैर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति दी गई है ।जबकि सरकार द्वारा सम्मेद शिखर को पर्यटक स्थल घोषित किए जाने से वहां पर होटल,लाज,भोजनाय जैसे आदि का निर्माण होगा और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से वहां पर मांस-मदिरा का उपयोग शुरू होने की संभावना है ।इस पर्यटक गतिविधियों से जैन समाज की आस्था के स्थल सम्मेद शिखर के अपवित्र होने की संभावना को देखते हुए जैन समाज पिछले 3 साल से आंदोलन कर रहा हैं और केंद्र सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहा है । लेकिन आज तक जैन समाज की मांग पर सुनवाई नहीं हुई । प्रदर्शन के बाद जैन समाज के लोगों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा ।जिसके माध्यम से समाज सदस्यो ने सम्मेद शिखर पर्वत को पर्यटक स्थल की सूची से बाहर करने की मांग की है । इस अवसर पर सैकड़ो जैन समाज के लोग मौजूद थे l

96 Views
What do you think?

Leave a Reply