अनोखा तीर, रहटगांव। तहसील क्षेत्र में बगैर किसी सक्षम अनुमति के लोगों का इलाज करने के साथ ही उन्हें दवा उपलब्ध कराने की प्रशासन से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने लिखित आवेदन में ये आरोप लगाया कि बगैर दुकान व फर्नीचर के संबंधितों द्वारा अपने घर से दवा बेची जाती हैं। जो कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है। जबकि शासन द्वारा हर वर्ग के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है। गांव, तहसील व जिला स्तर पर लोगों का इलाज किया जाता है। किन्तु इन सब के बीच कुछ लोग चिकित्सा कार्य को मोटी कमाई का जरिया बना लेते हैं। जिस पर प्रभावी कार्रवाई की दरकार है। मामले की शिकायत करने वाले शेरसिंह मालवीय ने बताया कि एक दिन पहले गुरुवार को कलेक्टर ने क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। वहीं उनके निराकरण की दिशा में कार्रवाई के निर्देश भी प्रदान किए। मालवीय ने बताया कि इस मौके पर कलेक्टर को एक लिखित शिकायत की है। जिसके माध्यम से रहटगांव में बगैर मेडिकल दुकान घर से दवाइयां विक्रय करने की जानकारी दी। शिकायत में यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति ने नौकरी में रहते हुए पहले ड्रग लाइसेंस बनवाया, फिर नियमों के विपरीत क्लिनिक चलाने लगा। जिस पर 23 अगस्त को स्वास्थ्य , राजस्व एवं पुलिस के संयुक्त दल ने छापामार कार्रवाई कर अवैध रूप से 10 कार्टूनों में रखीं 194 प्रकार की दवाइयां जप्त की थी। इससे पहले भी ड्रग इंस्पेक्टर ने 26 मई 2022 को कार्रवाई की थी। लेकिन उस समय संबंधित व्यक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बच निकला । अगर उसी समय कड़ी कार्रवाई की होती तो आज दवा का इतना जखीरा जप्त नही होता। क्योंकि कार्रवाई के भय से नियमों का उल्लंघन नही करते। शिकायतकर्ता मालवीय ने प्रशासन से ऐसे लोगों के तमाम दस्तावेजों की बारिकी से पड़ताल करने तथा जो लोग इन्हें दवा उपलब्ध कराते थे, उन्हें भी कार्रवाई के दायरे ममें रखने की मांग की गई। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

