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Thursday, 22 October 2026
हरदा

ब्रह्मकुमारी टिमरनी ने ‘घर बने मंदिर अभियान का किया शुभारंभ

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अनोखा तीर, टिमरनी। ब्रह्मकुमारी टिमरनी द्वारा ‘घर बने मंदिर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बीके गायत्री बहन ने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति में प्रत्येक घर मंदिर के समान था, जहां नारी को लक्ष्मी और पुरुष को नारायण का स्वरूप माना जाता था। वर्तमान समय में परमपिता परमात्मा पुन: घर को मंदिर बनाने की विधि सिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घर रूपी मंदिर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मंदिर की मूर्ति के समान गुणवान, दयावान, करुणामय, कल्याणकारी एवं सद्भावनापूर्ण बनना चाहिए। जिस प्रकार मंदिर की मूर्ति शिल्पकार के अनेक हथौड़ों के प्रहार सहने के बाद पूजनीय बनती है, उसी प्रकार जीवन में सहनशीलता अपनाकर व्यक्ति सम्मान और पूजनीयता प्राप्त कर सकता है। बीके गायत्री बहन ने कहा कि घर को मंदिर बनाने के लिए सबसे पहले मन को मंदिर बनाना होगा। परिवार के प्रत्येक सदस्य के मन में स्वच्छता और एक-दूसरे के प्रति शुद्ध भावनाएं हों, क्योंकि जैसा हमारा चिंतन होगा, वैसा ही वातावरण निर्मित होगा। उन्होंने कहा कि रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए एक-दूसरे को समय देना, केयरिंग और शेयरिंग की भावना रखना तथा परस्पर सम्मान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मंदिर में भगवान को फूल अर्पित किए जाते हैं, उसी प्रकार परिवार के प्रत्येक सदस्य की विशेषताओं को पहचानकर उनकी सराहना करनी चाहिए, न कि उनकी दूसरों से तुलना करनी चाहिए। जैसे अगरबत्ती पूरे वातावरण को सुगंधित करती है, वैसे ही हमें अपने श्रेष्ठ कर्मों और गुणों से घर का वातावरण सकारात्मक बनाना चाहिए। मंदिर पर लगी ध्वजा का संदेश है कि हम अपनी सभी जिम्मेदारियां निभाते हुए भी मन और बुद्धि का संबंध परमात्मा से बनाए रखें। कार्यक्रम के अंत में सभी भाई-बहनों ने शिवध्वज के नीचे अपने घर को मंदिर बनाने का संकल्प लिया। अंत में कार्यक्रम के आयोजक रामचरण खोरे ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया तथा बीके बबीता बहन ने सभी को ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया।

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