Chinese Fighter Jets In Taiwan | नैन्सी पेलोसी की यात्रा सफल, 27 चीनी लड़ाकू विमान घुसे ताइवान के एयरस्पेस में

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China flew 18 fighter jets in Taiwan air space during US envoy's visit

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ताइपे. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी (Nancy Pelosi) के ताइवान दौरे (Taiwan Visit) के बाद से चीन (China) बौखलाया हुआ है। उसने पेलोसी की यात्रा विरोध करते हुए कहा कि अमेरिका को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस बीच बुधवार को 27 से अधिक चीनी सैन्य विमानों ने ताइवान के एयरस्पेस में उड़ान भरी। जिनमें छह J-11 फाइटर जेट, पांच J-16 फाइटर जेट और 16 SU-30 फाइटर जेट शामिल थे। इस बात की पुष्टि खुद ताइवान के अधिकारियों ने की है।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने ट्विटर पर एक बयान में कहा, 27 PLA विमान (J-11*6, J-16*5 और SU-30*16) 3 अगस्त, 2022 को R.O.C के आसपास के क्षेत्र में प्रवेश कर गए। मंत्रालय ने कहा कि एक जवाबी कार्रवाई के रूप में, ताइवान ने अपने लड़ाकू जेट भी भेजे और वायु रक्षा मिसाइलों को तैनात किया।

गौरतलब है कि नैन्सी पेलोसी मंगलवार को ताइवान पहुंची थी। उन्होंने चीन के विरोध के बीच 24 घंटे से भी कम समय की अपनी ताइवान यात्रा सम्पन्न करके सोंगशान हवाई अड्डे  से बुधवार को रवाना हो गईं। पेलोसी और पांच अन्य संसद सदस्य यहां से दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हुए। एशिया की यात्रा के तहत पेलोसी का सिंगापुर, मलेशिया और जापान जाने का भी कार्यक्रम है।

चीन ने चेतावनी दी थी कि वह गुरुवार से द्वीप के चारों ओर हवा और समुद्र में लाइव-फायर सैन्य अभ्यास की एक श्रृंखला आयोजित करेगा। वहीं, ताइवान का कहना है कि यह कदम द्वीप की संप्रभुता का उल्लंघन करता है और नाकाबंदी के बराबर है।

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पेलोसी पिछले 25 वर्षों में ताइवान की यात्रा करने वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की पहली अध्यक्ष हैं। ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन के साथ मुलाकात के बाद एक संक्षिप्त बयान में उन्होंने कहा था, ‘‘आज विश्व के सामने लोकतंत्र और निरंकुशता के बीच एक को चुनने की चुनौती है। ताइवान और दुनियाभर में सभी जगह लोकतंत्र की रक्षा करने को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता अडिग है।”

उल्लेखनीय है कि चीन दावा करता रहा है कि ताइवान उसका हिस्सा है। वह विदेशी अधिकारियों के ताइवान दौरे का विरोध करता है क्योंकि उसे लगता है कि यह द्वीपीय क्षेत्र को संप्रभु के रूप में मान्यता देने के समान है। चीन ने धमकी दी थी कि यदि पेलोसी ताइवान की यात्रा करती हैं तो इसके “गंभीर परिणाम” होंगे।

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