रीवा. मध्य प्रदेश की रीवा पुलिस ने गुलामुद्दीन उर्फ मंजू हत्याकांड सुलझा लिया है. शख्स की हत्या उसकी पत्नी, पत्नी के जीजा और भतीजे ने ही रीवा जिले के नईगढ़ी थाना अंतर्गत सिगदहा पुलिया पर की थी. मृतक पहली पत्नी को संपत्ति में से हिस्सा नहीं दे रहा था. यही वजह उसकी मौत का कारण बनी. मृतक ने दूसरी शादी कर ली थी और काम करने जम्मू-कश्मीर चला गया था. जैसे ही वह गांव लौटा तो पत्नी और रिश्तेदारों ने उसे रास्ते से हटा दिया. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है. आरोपियों ने मृतक को दर्दनाक मौत देने के लिए उसके शव को क्षत-विक्षत कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, 23 मई को कुछ लोग नईगढ़ी थाना अंतर्गत सिगदहा पुलिया से गुजर रहे थे. उस दौरान पानी में सिर कटी लाश देखकर उनसे होश उड़ गए. लोगों ने आनन-फानन में भीड़ इकट्ठी कर ली और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की जांच की. शव का सिर, प्राइवेट पार्ट और कई अंग काटे गए थे. ये अंग मौके पर नहीं मिले. पुलिस ने शव को जब्तकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की.
इस तरह हुई मृतक की पहचान
पुलिस ने पूरे इलाके में पूछताछ की और आसपड़ोस में बात की. पुलिस ने लोगों को उसके कपड़े दिखाए. इस बीच किसी ने उस मृतक की पहचान कर ली. उसने पुलिस को बताया कि मृतक का नाम गुलामुद्दीन उर्फ मंजू है. पुलिस की मानें तो मृतक की पहचान उसके मौजे से हुई. परिजनों ने उसके मौजे के रंग से उसे पहचान लिया. इसके बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी. जांच के दौरान पुलिस को पहली पत्नी के बारे में पता चला और फिर धीरे-धीरे पूरा राज खुल गाय.
पुलिस ने किया ये खुलासा
मामले को लेकर रीवा जिले के एसपी नवनीत भसीन ने बताया कि नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिया में मिली लाश का आरोपी और कोई नहीं बल्कि मृतक की पत्नी और उसके सगे भतीजे और जीजा हैं. पुलिस का कहना है कि मृतक युवक अपनी पहली पत्नी से 12 साल से अलग रह रहा था और उसे अपनी जायदाद में से हिस्सा नहीं दे रहा था. इसकी वजह से पत्नी अपने भतीजे और जीजा संग मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया.

