यूपीआई पर मर्चेंट फीस का प्रस्ताव व्यापारी विरोधी

-हरदा में भी होगा पोस्टर अभियान : विधायक प्रतिनिधि संजय जैन
अनोखा तीर, हरदा। केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट फीस लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ अब हरदा जिले के व्यापारियों में भी भारी आक्रोश है। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन द्वारा 18 सितंबर से शुरू किए जा रहे पोस्टर अभियान को हरदा के व्यापारी संगठनों ने भी समर्थन दिया है। इस मुद्दे पर विधायक प्रतिनिधि संजय जैन और हरदा के व्यापारी संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए इसे छोटे व्यापारियों के हितों पर सीधा हमला बताया है। विधायक प्रतिनिधि संजय जैन ने कहा कि, पिछले कुछ वर्षों में नोटबंदी के बाद से सरकार ने ही व्यापारियों को कैशलेस और यूपीआई अपनाने के लिए प्रेरित किया। आज 80 प्रतिशत से अधिक लेन-देन यूपीआई से हो रहा है। छोटे से छोटा ठेले वाला, पान वाला भी यूपीआई ले रहा है। अब उसी यूपीआई पर 1 से 2 प्रतिशत तक मर्चेंट फीस लगाना, व्यापारियों के साथ धोखा है।
उन्होंने कहा कि इस फीस का सीधा असर दो तरह से पड़ेगा –
-व्यापारी पर भार : दिनभर में 50 हजार का यूपीआई कलेक्शन करने वाले व्यापारी को महीने में 15 से 30 हजार रुपए तक फीस के रूप में चुकाने पड़ेंगे।
-ग्राहक पर भार : व्यापारी मजबूरन यह शुल्क ग्राहक से वसूलेगा या यूपीआई लेना बंद कर देगा, जिससे डिजिटल इंडिया मिशन फेल होगा।
संजय जैन ने बताया कि हरदा, टिमरनी, खिरकिया के व्यापारी संघ इस मुद्दे पर एकजुट हैं। छोटे और मध्यम व्यापारी पहले ही ऑनलाइन शॉपिंग, जीएसटी और महंगाई की मार झेल रहे हैं। ऐसे में यह नया शुल्क उनकी कमर तोड़ देगा।
व्यापारी संगठनों की मांग
केंद्र सरकार यूपीआई पर मर्चेंट फीस लगाने का प्रस्ताव तुरंत वापस ले और यह स्पष्ट करे कि यूपीआई पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। संजय जैन ने बताया कि यदि सरकार ने प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो हरदा, टिमरनी, खिरकिया की सभी दुकानों, शोरूम, किराना, कपड़ा, मोबाइल शॉप पर हम यूपीआई पर मर्चेंट फीस का विरोध करते हैं के पोस्टर व्यापारी संगठनों द्वारा लगाए जाएंगे और ग्राहकों को पर्चे बांटकर जागरूक किया जाएगा। इसके बाद व्यापारी संगठनों के साथ मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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