साइबर ठग अब पुलिसकर्मियों को भी बना रहे निशाना

अनोखा तीर, हरदा। हरदा में साइबर ठग अब आम लोगों के साथ पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ठगी के लिए कभी बैंक खाता बंद होने, कभी केवाईसी अपडेट और कभी बीमा पॉलिसी के नाम पर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इसी तरह का मामला सिराली थाना प्रभारी सीताराम पटेल के सामने भी आया, जब उन्हें अलग-अलग नंबरों से फोन कर बीमा पॉलिसी से जुड़ा पासवर्ड मांगा गया।
बीमा कंपनी ने नहीं मांगा पासवर्ड
सिराली थाना प्रभारी सीताराम पटेल ने बताया कि उन्होंने एक जीवन बीमा पॉलिसी कराई है। इसके बाद उनके पास अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वाले लोग पॉलिसी से जुड़ी जानकारी लेने के साथ पासवर्ड मांग रहे थे। थाना प्रभारी ने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि बैंक या बीमा कंपनी किसी ग्राहक से पासवर्ड और दूसरी गोपनीय जानकारी फोन पर नहीं मांगती। इसलिए इस तरह के फोन आने पर कोई भी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
लिंक भेजकर खाते की जानकारी हासिल करने की कोशिश
साइबर ठग मोबाइल कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया और वॉट्सऐप के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। कभी बैंक खाता बंद होने तो कभी केवाईसी अपडेट करने का झांसा दिया जाता है। इसके अलावा सरकारी योजना, इनाम या किसी दूसरे लाभ का लालच देकर भी संदिग्ध लिंक भेजे जाते हैं। लिंक पर क्लिक करने के बाद लोगों को फर्जी वेबसाइट या एप पर ले जाकर बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है। कई मामलों में इसी जानकारी का इस्तेमाल बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए किया जाता है। थाना प्रभारी सीताराम पटेल ने कहा कि अनजान व्यक्ति की ओर से भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी, पासवर्ड और खास तौर पर ओटीपी किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। किसी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत कोई फैसला लेने के बजाय पहले उसकी जानकारी की पुष्टि करें। साइबर ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए थोड़ी सी सावधानी से ठगी से बचा जा सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि परिवार के बुजुर्गों और बच्चों को भी साइबर ठगी के तरीकों के बारे में बताएं। अगर किसी के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो बिना देर किए साइबर पुलिस या नजदीकी थाने में सूचना दें।

0 Views

Leave a Reply