– पटवारियों ने बनाई दूरी, कलेक्टर का निरीक्षण और अधिकारियों की समझाइश बेअसर
अनोखा तीर, हरदा। स्वामित्वअधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के तहत हरदा जिले को पायलट जिले के रूप में चयनित कर ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। गुरुवार को कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने टिमरनी विकासखंड के गोंदागांवकला और पिडगांव में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के पटवारियों के संगठन मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा स्वामित्व योजना में पटवारी को ‘निष्पादकÓ बनाए जाने के विरोध के चलते जिले में पटवारियों ने योजना से जुड़े कार्य से दूरी बना रखी है। ऐसी स्थिति में हरदा जिले में यह शिविर महज औपचारिक खानापूर्ति भर साबित हो रहें हैं। कलेक्टर का निरीक्षण या अधिकारियों की समझाइश भी बेअसर साबित हो रही है। पटवारी संघ के प्रांत व्यापी आव्हान के चलते पटवारियों ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत किसान की रजिस्ट्री संबंधी कार्य नहीं किया। कुछ लोगों ने ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत किए हैं, जो पोर्टल पर प्रदर्शित हो रहे हैं, लेकिन संबंधित पटवारियों द्वारा इस प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नियमित राजस्व कार्य करते रहे पटवारी
स्वामित्व योजना के कार्य से दूरी के बावजूद पटवारी अपने नियमित दायित्वों का निर्वहन करते रहे। जिले में पटवारियों द्वारा गिरदावरी, ई-केवाईसी, फार्मर आईडी सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्य किए जाते रहे। पटवारियों का कहना है कि वे अपने नियमित और निर्धारित दायित्वों का लगातार निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन जिस प्रक्रिया में उन्हें निष्पादक की भूमिका दी गई है, उसका संघ स्तर पर स्पष्ट विरोध किया गया है।
क्या है विवाद
स्वामित्व योजना में आबादी अधिकार अभिलेख के निष्पादन एवं पंजीयन की प्रक्रिया में पटवारी को निष्पादक बनाए जाने को लेकर प्रदेशभर में विरोध सामने आया है। पटवारी संघ का तर्क है कि निष्पादक की भूमिका से पटवारियों पर अतिरिक्त कानूनी एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी आएगी। इसी मुद्दे को लेकर संघ ने विरोध दर्ज कराया है। हरदा जिले में भी इसका असर योजना के क्रियान्वयन पर दिखाई दे रहा है।
आखिर कलेक्टर ने निरीक्षण किस काम का किया?
जिले में शासन की योजना के तहत प्रशासन द्वारा शिविरों का आयोजन जारी है। यह हास्यास्पद विषय है कि जब पटवारियों ने यह कार्य करने से मना ही कर दिया, तो शिविर कैसा और कलेक्टर का निरीक्षण कैसा? आखिर कलेक्टर ने निरीक्षण किस काम का किया? कार्य कर कौन रहा है? उनके निर्देशों का पालन कौन करेगा? ऐसे अनेक प्रश्न अनुत्तरित हैं। लेकिन कलेक्टर तो कलेक्टर है उन्होंने निरीक्षण भी कर लिया और निर्देश भी दे दिए। आखिर सरकार का आदेश था तो कागजी खानापूर्ति तो करना ही था। इसलिए आज कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने टिमरनी विकासखंड के ग्राम गोंदागांवकला में ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचकर स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन शिविर की व्यवस्थाएं देखीं। इसके बाद उन्होंने पिडगांव के ग्राम पंचायत भवन में आयोजित शिविर का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों को योजना के कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान एसडीएम टिमरनी शैलेन्द्र बड़ोनिया, ग्राम सरपंच राकेश कलवानिया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





