अनोखा तीर, हरदा। चेक बाउंस के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रेमदीप शाह की अदालत ने अभियुक्त निशांत पुनासे को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उसे एक साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही परिवादी अनिल वैद्य को 17 लाख 32 हजार 27 रुपए प्रतिकर के रूप में एक महीने के अंदर देने का आदेश दिया है। यह राशि 15 लाख रुपए की मूल चेक राशि और उस पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज को मिलाकर तय की गई है। मामले के अनुसार निशांत पुनासे ने अपनी व्यावसायिक जरूरतों के लिए अनिल वैद्य से 15 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले उन्होंने बंधन बैंक हरदा शाखा का 15 लाख रुपए का चेक अनिल वैद्य को दिया था। अनिल वैद्य ने जब चेक बैंक में जमा किया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वह बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने निशांत को कानूनी नोटिस भेजकर रकम चुकाने को कहा। नोटिस मिलने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। रकम का भुगतान नहीं होने पर अनिल वैद्य ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। दोनों पक्षों की दलीलों, सबूतों और दस्तावेजों की जांच के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रेमदीप शाह ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने निशांत पुनासे को परक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी पाया और एक साल के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने निशांत पुनासे को 15 लाख रुपए की मूल चेक राशि और उस पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज को मिलाकर कुल 17 लाख 32 हजार 27 रुपए अनिल वैद्य को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है। यह राशि एक महीने के अंदर जमा करनी होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि तय समय में प्रतिकर की राशि जमा नहीं करने पर निशांत को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक साल की सजा, 17.32 लाख प्रतिकर देने का आदेश

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