-जरूरी सामान खरीदने में भी करना पड़ रहा बजट का हिसाब
अनोखा तीर, मसनगांव। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही सामान्य तौर पर बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन इस बार बाजार में महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। लोग खरीदारी से पहले अपने बजट का हिसाब लगा रहे हैं और गैरजरूरी सामान से बचते नजर आ रहे हैं। रसोई में रोज उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री की कीमतों में तेजी का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ा है। तेल, शक्कर, दाल, मसाले सहित अन्य जरूरी सामान खरीदते समय लोग पहले जरूरत देख रहे हैं। हाल के दिनों में खाद्य तेल, शक्कर और कुछ अन्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी की खबरों से त्योहारी सीजन में परिवारों का खर्च बढ़ने की चिंता है।
पहले जरूरत, फिर त्योहार
महंगाई के कारण खरीदारी का तरीका भी बदलता दिख रहा है। पहले त्योहारों पर घर में अतिरिक्त सामान लाने की परंपरा थी, अब परिवार जरूरी वस्तुओं की सूची बनाकर बाजार पहुंच रहे हैं। ग्राहक दुकानदार से भाव पूछने के बाद मात्रा तय कर रहे हैं। कई लोग एक साथ ज्यादा सामान खरीदने के बजाय आवश्यकता अनुसार थोड़ी-थोड़ी खरीदारी पसंद कर रहे हैं।
रसोई का बजट बिगड़ा
खाद्य सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर रसोई के बजट पर पड़ रहा है। गृहणी संध्या भायरे ने बताया कि त्योहारों के दौरान घरों में पकवान और मिठाइयां बनाने का चलन बढ़ता है, तब सामग्री की बढ़ती लागत चिंता बढ़ा रही है।
मिठाई और पकवान भी होंगे प्रभावित
त्योहारों में मिठाई की मांग बढ़ने के साथ कच्चे माल की लागत बढ़ने का असर दुकानदारों पर भी पड़ रहा है। शक्कर सहित अन्य कच्चे माल की कीमत बढ़ने से लागत बढ़ती है, जिसका असर मिठाइयों की कीमतों पर पड़ सकता है। किराना कारोबारी नितेन्द्र बंसल, सत्यनारायण सोमानी, राजू अग्रवाल का कहना है कि ग्राहक अब पहले की तुलना में अधिक पूछताछ कर रहे हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ ग्राहकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन महंगाई के कारण कुल खर्च सीमित रहने की संभावना है।





