अनोखा तीर, मसनगांव। किसानों द्वारा आमदनी बढ़ाने के लिए परंपरागत फसलों के साथ अब नई फसलों के प्रयोग भी किए जा रहे हैं। इस खरीफ सीजन में क्षेत्र में मुख्य रूप से सोयाबीन, मक्का, धान की बुवाई हुई है, वहीं कड़ोला गांव के किसान लोकेश पंवार ने कुछ अलग करने की चाहत में सूरजमुखी की खेती की है। अब उनकी फसल में फूल आने लगे हैं, जिससे खेत आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सूरजमुखी का उपयोग मुख्य रूप से खाद्य तेल के उत्पादन में किया जाता है। इसे तेल वाली महत्वपूर्ण फसलों में गिना जाता है। क्षेत्र में पूर्व में भी कई किसानों द्वारा इसकी खेती की जाती रही है, लेकिन पर्याप्त उत्पादन और अपेक्षित बाजार भाव नहीं मिलने के कारण किसानों ने धीरे-धीरे दूरी बना ली थी। इस वर्ष किसान लोकेश पंवार ने फिर से सूरजमुखी की खेती को आजमाया है। उनका उद्देश्य परंपरागत फसलों के साथ नया प्रयोग कर आमदनी के बेहतर विकल्प तलाशना है। फिलहाल फसल में फूल आने लगे हैं और आगामी दिनों में उत्पादन की स्थिति स्पष्ट होगी। किसान के इस प्रयोग से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी सूरजमुखी की खेती के प्रति रुचि पैदा होने की उम्मीद है। यदि उत्पादन अच्छा रहा और बाजार में उचित भाव मिला तो आने वाले समय में किसान इसे खरीफ की वैकल्पिक फसल के रूप में अपना सकते हैं।
सूरजमुखी में आने लगे फूल, नई फसल से उत्पादन और भाव पर नजर

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