-राजस्व सेवाएं होंगी प्रभावित
अनोखा तीर, हरदा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर सोमवार से प्रदेशभर के पटवारी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए। आंदोलन के पहले दिन सभी पटवारियों ने अपने-अपने बस्ते एवं शासकीय रिकॉर्ड संबंधित कार्यालयों में जमा कर दिए और शासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। संघ का कहना है कि जब तक उनकी वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों पर सरकार ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जिला पटवारी संघ अध्यक्ष विकास जोशी ने बताया कि मांगों को लेकर पहले चरणबद्ध आंदोलन किया गया था। इसके तहत काली पट्टी बांधकर कार्य करना, शासकीय व्हाट्सएप समूहों का बहिष्कार तथा ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया गया, लेकिन शासन स्तर पर कोई सार्थक पहल नहीं होने के कारण अब प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। हड़ताल के चलते राजस्व विभाग की 12 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित होंगी। इनमें ई-टेकन, वेब जीआईएस, रिकॉर्ड अपडेट, सारा पोर्टल, सारा एप्लिकेशन, आरसीएमएस, सीएम हेल्पलाइन, लघु सिंचाई गणना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े रिकॉर्ड सत्यापन, रिकॉर्ड स्कैनिंग, राजस्व वसूली तथा फार्मर रजिस्ट्रेशन जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, खसरा-खतौनी, गिरदावरी, अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई, कब्जा दिलाने, कानून-व्यवस्था से जुड़े राजस्व दायित्व सहित अन्य फील्ड एवं कार्यालयीन कार्य भी प्रभावित होने की संभावना है। इसका सीधा असर किसानों, आम नागरिकों तथा राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों पर पड़ेगा। पटवारी संघ का आरोप है कि लगातार नए-नए ऑनलाइन और मैदानी कार्य सौंपे जा रहे हैं, लेकिन वर्षों पुरानी मांगों का अब तक निराकरण नहीं किया गया है। संघ के अनुसार राजस्व विभाग की रीढ़ माने जाने वाले पटवारियों के साथ वेतनमान और पदोन्नति के मामलों में लगातार उपेक्षा की जा रही है। संघ की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू लागू करना, लंबित नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा शीघ्र आयोजित करना, जज प्रोटेक्शन एक्ट की तर्ज पर विधिक संरक्षण देना, अतिरिक्त कार्यों का युक्तिकरण कर उचित पारिश्रमिक प्रदान करना, कर्मचारियों के हितों के अनुरूप पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करना तथा वर्षों से लंबित सभी मांगों का शीघ्र निराकरण शामिल है। वेतन विसंगति को भी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बताते हुए संघ ने कहा कि वर्तमान में पटवारियों की नियुक्ति 2100 ग्रेड पे पर होती है, जबकि नियुक्ति के समय 2400 ग्रेड पे तथा 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर प्रथम समयमान 2800 ग्रेड पे दिए जाने की मांग लंबे समय से लंबित है। पटवारी संघ ने शासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। वहीं संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक प्रदेशभर के पटवारी बस्ता एवं रिकॉर्ड जमा कर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल जारी रखेंगे।





