अनोखा तीर, हरदा। मूंग खरीदी व्यवस्था में अव्यवस्था के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच आपसी खींचतान का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहन सांई ने कहा कि सरकार ने किसानों के आंदोलन के बाद समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा 1 क्विंटल 20 किलो से बढ़ाकर 3 क्विंटल प्रति एकड़ करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्तमान में 2 क्विंटल 88 किलो प्रति एकड़ के मान से ही बिल जनरेट हो रहे हैं। सरकार को इसे 3 क्विंटल प्रति एकड़ करना चाहिए। मोहन सांई ने बताया कि वर्तमान में हरदा जिले में केवल 40 खरीदी केंद्र संचालित हैं, जबकि प्रत्येक वर्ष लगभग 100 खरीदी केंद्र बनाए जाते रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि अन्यथा हजारों किसान अपनी मूंग की उपज बेचने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने मांग की कि सभी खरीदी केंद्रों पर बड़े प्लेट कांटे तत्काल शुरू किए जाएं। साथ ही खरीदी व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए, क्योंकि कई वेयरहाउसों में तुलाई का कार्य दोपहर 12 बजे शुरू किया जा रहा है, जबकि यह सुबह 9 बजे से प्रारंभ होना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से तुलाई का समय निर्धारित करने की मांग की। मोहन सांई ने आरोप लगाया कि कुछ वेयरहाउसों में किसानों से पैसे लेकर ट्रॉलियों की तुलाई की जा रही है, जो अनुचित है। ऐसे सर्वेयर या कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें हटाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन किसानों की पहले 1 क्विंटल 20 किलो मूंग की तुलाई हो चुकी है और जिनके डबल स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं, उनकी स्लॉट बुकिंग तत्काल शुरू की जाए।
मूंग खरीदी केंद्रों की संख्या तत्काल बढ़ाए जिला प्रशासन

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