अनोखा तीर, हरदा। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकगण, अतिथियों एवं छात्र-छात्राओं ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महर्षि वेदव्यास के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सहायक इंजीनियर नीरज सराठे एवं कार्तिक सेन उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफल जीवन की नींव गुरु के दिए गए संस्कारों और शिक्षा पर आधारित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, अनुशासन का पालन करने और गुरुजनों के मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। विद्यालय के प्राचार्य देवानंद सोनार एवं उपप्राचार्य रामदास राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन के नैतिक मूल्यों और सही मार्ग का भी बोध कराते हैं। भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गुरु वंदना, प्रेरक प्रसंगों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरुजनों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
सरस्वती विद्या मंदिर में श्रद्धा के साथ मनाई गुरु पूर्णिमा, गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व बताया

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