-फलदार पौधों के रोपण को बताया रोजगार और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी मॉडल
अनोखा तीर, हरदा। श्रमिक आदिवासी संगठन एवं समाजवादी जन परिषद के बैनर तले शनिवार को हरदा के कायदा बाजार क्षेत्र में आदिवासी समाज ने हरियाली रैली निकालकर पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन का संदेश दिया। रैली में शामिल लोग हाथों में फलदार पौधे लेकर आमजन को हरियाली अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करते नजर आए। रैली के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि देश एक ओर बढ़ती बेरोजगारी और दूसरी ओर बिगड़ते पर्यावरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन दोनों समस्याओं का समाधान बड़े पैमाने पर फलदार पौधों के रोपण में छिपा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जामुन, आम, सीताफल, आंवला और मुनगा जैसे फलदार पौधों के बीज एकत्रित कर खाली भूमि पर पौधे तैयार करें तथा आगामी वर्षा ऋतु में उनका रोपण करें। संगठन के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फलदार पौधे निशुल्क उपलब्ध कराए जाएं, ताकि गांव-गांव में हरियाली बढ़े और भविष्य में लोगों को रोजगार एवं आय का नया माध्यम मिल सके। उनका कहना था कि यदि इस अभियान को जनसहयोग और प्रशासन का समर्थन मिला तो आने वाले वर्षों में जिले के हजारों गांवों में फलदार पौधों की संख्या तेजी से बढ़ेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। समाजवादी जन परिषद के अनुराग मोदी ने कहा कि सरकार यदि पौधारोपण आधारित इस मॉडल को बढ़ावा दे तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, लोगों को सस्ते फल उपलब्ध होंगे और नदियों तथा भूजल स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बजाय यदि सरकार लोगों को फलदार पौधे उपलब्ध कराए तो इसका दीर्घकालिक लाभ समाज को मिलेगा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत पहले बैतूल जिले में की गई थी और अब इसे हरदा जिले के गांवों तक विस्तार दिया जा रहा है। रैली में संतोष, रवि, कुबेरलाल, श्रीराम, संतोष सहित संगठन के कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।





