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Thursday, 22 October 2026
हरदा

सैनिक और साहित्यकार दोनों ही देश के प्रहरी

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-कारगिल विजय दिवस पर साहित्यकारों का सम्मान


अनोखा तीर, हरदा। 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर हरदा के एक निजी होटल में प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स एवं विश्व मानवाधिकार परिषद  के संयुक्त तत्वावधान में वीर साहित्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि देकर हुई। शहीदों के चित्रों पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।   कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. डॉ. प्रभुशंकर शुक्ल ने कहा कि जिस तरह एक सैनिक बंदूक उठाकर देश की भौगोलिक सीमाओं की रक्षा करता है, उसी तरह एक साहित्यकार अपनी लेखनी से देश की सांस्कृतिक, नैतिक और बौद्धिक सीमाओं का प्रहरी बनता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सुरेन्द्र जैन ने कहा कि सैनिक बाहरी आक्रमणों से लड़ता है, और साहित्यकार समाज में फैल रही आंतरिक गिरावट, कुविचारों और अंधकार से लड़ता है। दोनों का उद्देश्य एक ही है – राष्ट्र की रक्षा और सम्मान। बस उनका मैदान अलग-अलग है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने कारगिल शहीदों को नमन करते हुए साहित्यकारों एवं समाजसेवियों से देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय संगठन अध्यक्ष डॉ. सैयद खालिद कैस ने कहा कि कारगिल के शहीदों के बलिदान को याद करना हमारा कर्तव्य है। साथ ही पत्रकारिता और साहित्य के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने वाले लोगों का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है। विश्व मानवाधिकार परिषद पिछले कई वर्षों से इस परंपरा को निभा रही है। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि समाज में देशभक्ति और जनसेवा के लिए ऐसे आयोजन प्रेरणास्रोत साबित होंगे। ग्राहक पंचायत समिति जिलाध्यक्ष जौहरी कमल सोनी ने कहा कि बेहद कठिन परिस्थितियों में भी कारगिल के सैनिकों का अदम्य साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य-निष्ठा पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। प्रोफेसर एल. एन. पाराशर ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देशभक्ति और साहित्य के प्रति प्रेरित करते हैं।
सम्मान एवं शपथ दिलाई
इस अवसर पर साहित्यकारों, पत्रकारों और समाजसेवियों को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व महिलाओं तथा पत्रकारिता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में डीएसपी महिला सेल अर्चना सिंह एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शालिनी परस्ते ने उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं समाजसेवियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों से अवगत कराया।  कार्यक्रम में गौरीशंकर मुकाती, महेश मावले, विश्व मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय संगठन सचिव मुईन अख्तर खान, प्रेस क्लब जिला अध्यक्ष नारायण नामदेव, सचिव गोपाल शुक्ला, उपाध्यक्ष उत्तमगिरी गोस्वामी, नीरज सिंह भदौरिया सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। अंत में आभार प्रदर्शन राष्ट्रीय संगठन सचिव मुईन अख्तर खान द्वारा किया गया।

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