-३ अगस्त तक शत-प्रतिशत मूंग नहीं खरीदी तो पूरे प्रदेश में होगा कांग्रेस का हल्ला बोल…

अनोखा तीर, हरदा। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस ने जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में ‘हल्ला बोलÓ आंदोलन किया। आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, विधायक आर.के. दोगने सहित कांग्रेस के कई जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। हरदा पहुंचने पर किसानों ने जीतू पटवारी का स्वागत कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग रखी। सभा को संबोधित करते हुए पटवारी ने राज्य सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का कानून बनाया जाएगा और एमएसपी से कम कीमत पर किसानों की उपज खरीदना अपराध माना जाएगा। जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 3 अगस्त तक मूंग की खरीदी शुरू नहीं की गई तो कांग्रेस किसानों के साथ सड़कों पर उतरकर चक्काजाम करेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पूरी मूंग खरीदेगी तो कांग्रेस मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का नागरिक अभिनंदन भी करेगी। इस दौरान हरदा विधायक डॉ.आरके दोगने ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर किसान कल्याण वर्ष मनाने की प्रदेश सरकार बात करती है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि वह इस वर्ष किसानों पर शोषण वर्ष मना रही है। किसानों को न तो खाद मिल रहा है और न ही उनकी फसलों को उचित मूल्य। सभा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साई ने किसानों की प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि जिले में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाए, खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, खरीदी की अवधि 10 अगस्त से बढ़ाकर 30 अगस्त तथा स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त की जाए। उन्होंने 15 जुलाई 2026 को छोटी हरदा के पास किसानों के चक्काजाम के दौरान दर्ज किए गए प्रकरण वापस लेने, खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने तथा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार केवल यूरिया या डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग भी की। मोहन साई ने वर्ष 2025 के खरीफ सोयाबीन बीमा भुगतान में विसंगतियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई किसानों को प्रीमियम राशि से भी कम बीमा लाभ मिला है। उन्होंने पात्र किसानों को उचित बीमा राशि देने तथा जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों पर रोक लगाने की भी मांग की।





