अनोखा तीर, हरदा। राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से मिशन हैप्पी हरदा के अंतर्गत डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा के मार्गदर्शन में वनमाली सृजन केंद्र, हरदा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर तिरंगा एवं देशभक्ति विषयक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भारत माता के पूजन से हुआ। कार्यक्रम में गोपेश चंदेवा ने मीरा शर्मा द्वारा रचित तिरंगे की कहानी का वाचन करते हुए बताया कि 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने भारतीय तिरंगे को राष्ट्रध्वज के रूप में अंगीकृत किया था। इसके बाद डॉ. आनंद झंवर द्वारा रचित एवं अशोक बाफना द्वारा स्वरबद्ध तिरंगा विषयक रचना का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन कपिल दुबे ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं समाजसेवी सुनील बागरे का जन्मदिन भी सादगी और आत्मीयता के साथ मनाया गया। काव्य गोष्ठी में गजलकार जयकृष्ण चांडक, डॉ. शिरीष अग्रवाल, मंसूर अली, रतन सोलंकी, बृजमोहन अग्रवाल, रमेशकुमार भद्रावले, अतहर जौहर, मीरा शर्मा, नरेन्द्र वर्मा, सतीश कपोले तथा अतिथि डॉ. एल. एन. पराशर ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं का पाठ कर उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में समाजसेवी रामशंकर मुकाती एवं ओम नारायण शुक्ला सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वनमाली सृजन केंद्र के संयोजक एवं साहित्यकार ज्ञानेश चौबे ने कहा कि तिरंगे का सम्मान, संविधान के प्रति आस्था और नागरिक कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। वहीं रामन क्षेत्रीय संसाधन केंद्र के क्षेत्रीय प्रबंधक उमेश शर्मा ने कहा कि तिरंगा हमारे वीरों के त्याग, बलिदान, स्वाभिमान और राष्ट्रीय एकता का अमर प्रतीक है, जिसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का सर्वोच्च दायित्व है।
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर तिरंगा एवं राष्ट्रप्रेम विषयक काव्य गोष्ठी आयोजित

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