–बिल बनाने में ओटीपी सत्यापन की व्यवस्था लागू करने की मांग
-बुजुर्ग किसानों को हो रही सबसे अधिक दिक्कत
तरुण गौर, सिराली। समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी के दौरान बिल बनाने के लिए किसान का बायोमेट्रिक (अंगूठा) अनिवार्य किए जाने से किसानों, खासकर बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यह नियम उनकी सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गया है और कई पात्र किसान अपनी उपज बेचने से भी वंचित हो सकते हैं।सिराली क्षेत्र के खरीदी केंद्रों पर ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बुजुर्ग किसान चलने-फिरने तक में सक्षम नहीं हैं। परिजन उन्हें गोद में उठाकर या सहारा देकर केंद्र तक ले जाने को मजबूर हैं, जबकि कई किसानों के अंगूठे के निशान मशीन में मैच ही नहीं हो रहे हैं। इससे बिल नहीं बन पा रहा और खरीदी प्रक्रिया अटक रही है। सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को हो रही है, जिनकी कृषि भूमि और किसान पंजीयन आज भी बुजुर्ग माता-पिता के नाम पर है। ऐसे मामलों में परिजन पूरी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद केवल अंगूठा सत्यापन नहीं होने से मूंग बेचने से वंचित रहने की आशंका जता रहे हैं। किसानों ने सरकार के इस नियम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब शासन ने किसान पंजीयन के समय प्रत्येक पंजीयन के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबर अनिवार्य किए थे, तब बिल बनाने के लिए उसी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी सत्यापन की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही। अलग-अलग मोबाइल नंबरों का रिचार्ज कराने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी किसानों पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि बायोमेट्रिक के साथ-साथ ओटीपी आधारित सत्यापन की सुविधा भी शुरू कर दी जाए तो बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग किसानों को राहत मिलेगी तथा कोई भी पात्र किसान केवल तकनीकी कारणों से अपनी उपज बेचने से वंचित नहीं रहेगा।
किसानों की प्रमुख मांगें
-बिल बनाने में बायोमेट्रिक के साथ ओटीपी सत्यापन का विकल्प दिया जाए।
-बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग किसानों के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाए।
-अंगूठा मैच नहीं होने पर वैकल्पिक पहचान के आधार पर खरीदी की अनुमति दी जाए।
-किसानों पर अलग-अलग मोबाइल नंबरों के रिचार्ज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ समाप्त किया जाए।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नियमों में व्यावहारिक संशोधन नहीं किया गया तो खरीदी केंद्रों पर हजारों किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और समर्थन मूल्य पर उपज बेचने का उद्देश्य भी प्रभावित होगा।




