-विधायक डॉ. दोगने ने उठाए किसानों, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई के सवाल
अनोखा तीर, हरदा। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं, शासकीय विद्यालयों में रिक्त पदों, किसानों के ओलावृष्टि मुआवजा, मुहाल माइनर सिंचाई परियोजना तथा खाद वितरण व्यवस्था सहित विभिन्न जनहित के मुद्दे सदन में उठाए। जवाब में सरकार ने कई महत्वपूर्ण तथ्य स्वीकार किए, हालांकि अधिकांश मामलों में विस्तृत जानकारी परिशिष्ट में उपलब्ध कराने तथा रिक्त पदों की पूर्ति एवं लंबित कार्यों की समय-सीमा बताने से इनकार किया। विधायक डॉ. दोगने ने मुख्यमंत्री का ध्यान किसानों को उर्वरक वितरण के लिए लागू ई-टोकन प्रणाली की ओर आकर्षित करते हुए इसे समाप्त कर पूर्व की सरल खाद वितरण व्यवस्था पुन: लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ई-टोकन प्रणाली के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है तथा बटाईदार, पट्टेदार और छोटे किसान सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक आपदा एवं ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा भुगतान, मुहाल माइनर सिंचाई परियोजना की प्रगति, शासकीय अस्पतालों में रिक्त पदों तथा शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। सरकार ने माना कि फसलों को नुकसान हुआ है और राहत राशि स्वीकृत की गई है, लेकिन शेष किसानों को भुगतान कब तक होगा, इसकी कोई समय-सीमा नहीं बताई। वहीं मुहाल माइनर परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण होना बताया गया तथा शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभागों ने भी रिक्त पदों की पूर्ति को सतत प्रक्रिया बताते हुए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं दी। मंत्रियों के जवाब पर विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने कहा कि सरकार ने समस्याओं को स्वीकार तो किया है, लेकिन उनके समाधान के लिए कोई ठोस और समयबद्ध योजना प्रस्तुत नहीं की। उन्होंने कहा कि हरदा की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है। किसानों को समय पर मुआवजा और खाद, अस्पतालों में डॉक्टर, स्कूलों में शिक्षक तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वे विधानसभा से लेकर सड़क तक हरदा की जनता के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ते रहेंगे।





