-51 किलो फूलों से सजा रथ बना आकर्षण का केंद्र
अनोखा तीर, हरदा। शहर के बाजार वार्ड स्थित प्राचीन श्री जगदीश मंदिर से गुरुवार सुबह भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ फूलों से सजे रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया, रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा रथ के आगे झाड़ू लगाकर परंपरा का निर्वहन किया। मंदिर समिति के जयकृष्ण चांडक ने बताया कि सुबह 10 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद रथयात्रा प्राचीन श्री जगदीश मंदिर से रवाना हुई। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की सुसज्जित प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कर नगर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं के जयघोष, भजन-कीर्तन और शंखध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। नगर भ्रमण के बाद रथयात्रा पुन: मंदिर परिसर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस वर्ष भगवान जगन्नाथ के रथ को 51 किलो सुगंधित एवं रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जो पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने रथ के साथ चलकर भगवान के दर्शन किए और यात्रा में शामिल होकर अपनी आस्था व्यक्त की। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने स्वयं रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। वहीं कई भक्तों ने रथ के आगे झाड़ू लगाकर परंपरा निभाई। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में रथ खींचना और उसके आगे झाड़ू लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान स्वयं मंदिर से निकलकर अपनी प्रजा के बीच पहुंचते हैं और सभी को समान दृष्टि से आशीर्वाद देते हैं। भगवान जगन्नाथ का संदेश सब मनिसा मोर परजा अर्थात सभी मनुष्य मेरी प्रजा हैं। सामाजिक समरसता और समानता का प्रतीक माना जाता है। रथयात्रा के समापन के बाद दोपहर 12 बजे मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ की महाआरती की गई। इसके पश्चात भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का पारंपरिक छप्पन भोग अर्पित किया गया। महाआरती और भोग के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति के सदस्य सुयोग सोनी ने बताया कि इस वर्ष भगवान जगन्नाथ का विशेष श्रृंगार किया गया। सोनी परिवार ने स्वर्गीय छगनलाल सोनी एवं रतनबाई सोनी की स्मृति में लगभग 1.51 लाख रुपये की लागत से तैयार स्वर्ण एवं हीरे जड़ित मुकुट भगवान को अर्पित किया। इस विशेष मुकुट से सुसज्जित भगवान की मनोहारी छवि श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। रथयात्रा के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने भगवान का स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई तथा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था की गई। पूरे शहर में भक्ति और उल्लास का वातावरण रहा तथा हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।




