अनोखा तीर, हरदा। शहर में संचालित कथित अवैध मड पंप के मामले में सामाजिक कार्यकर्ता अमर रोचलानी ने नगर पालिका द्वारा 5000 का जुर्माना लगाए जाने को अपर्याप्त बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की है। रोचलानी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर पालिका अध्यक्ष को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के बाद नगर पालिका ने संबंधित मड पंप पर 5000 का जुर्माना लगाकर कार्रवाई की, लेकिन उनका कहना है कि इतने गंभीर मामले में केवल जुर्माना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मड पंप संचालक पहले से शहर में खुलेआम प्रचार-प्रसार कर रहा था, जिसकी जानकारी नगर पालिका को दी गई थी। समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो यह स्थिति नहीं बनती। रोचलानी का दावा है कि संबंधित मड पंप सुबह और रात में हरदा शहर तथा दिन में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करता था। इसके बाद एकत्रित गंदगी नगर पालिका के डंपिंग एरिया में खाली की जाती थी। उनका आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों की जानकारी या मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं लगता। उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार प्रत्येक टैंकर से डंपिंग के एवज में करीब 1500 का भुगतान किया जाता था और प्रतिदिन कई टैंकर डंपिंग एरिया में खाली किए जाते थे। उन्होंने इस कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग की। रोचलानी ने यह भी मांग की कि डंपिंग एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों की संबंधित अवधि की फुटेज सुरक्षित रखकर उसकी जांच कराई जाए। यदि फुटेज उपलब्ध नहीं है, तो इसकी भी स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने कहा कि डंपिंग एरिया में 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है। ऐसे में यदि प्रतिदिन कई टैंकर वहां पहुंचे, तो इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर डंपिंग कराने वालों की पहचान, कथित वित्तीय लेन-देन की जांच, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका तय करते हुए दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।
मड पंप मामले में निष्पक्ष जांच की मांग, 5 हजार जुर्माना नाकाफी : अमर रोचलानी

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