अनोखा तीर, हरदा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपील प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार अब सेवा आवेदन निर्धारित समय-सीमा में निराकृत नहीं होने पर आवेदक को अलग से अपील दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होगी। संशोधित नियम के तहत यदि किसी सेवा आवेदन का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं होता है, तो समय-सीमा समाप्त होने के 15 दिन बाद संबंधित आवेदन स्वत: प्रथम अपील में दर्ज हो जाएगा। इसी प्रकार यदि प्रथम अपील का भी समय-सीमा में निराकरण नहीं किया जाता है, तो 15 दिन बाद वह स्वत: द्वितीय अपील में दर्ज हो जाएगी। यह नई व्यवस्था मध्यप्रदेश के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर विकसित कर दी गई है और 10 जुलाई की मध्यरात्रि से प्रभावी हो गई है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के नियम-8 में किए गए इस संशोधन का उद्देश्य नागरिकों को अपील प्रक्रिया में राहत प्रदान करना, सेवाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना तथा जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। नई व्यवस्था से नागरिकों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिलेगी और लंबित प्रकरणों की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम में बड़ा बदलाव, अब अपील स्वत: होगी दर्ज

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