-विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित
अनोखा तीर, हरदा। उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के उद्देश्य से 11 जुलाई को टिमरनी विकासखंड में विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण एवं राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में प्राप्त दिशा-निर्देशों और प्रशिक्षण सामग्री के आधार पर विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, जनशिक्षकों, संकुल समन्वयकों तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यक्रम के विभिन्न आयामों की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला सह-समन्वयक मुकेश शर्मा ने प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण में बताया गया कि उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक असाक्षर नागरिक को पढ़ने, लिखने और गणना करने में सक्षम बनाते हुए उसे जीवनोपयोगी कौशलों से जोड़ना है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम और वार्ड में वास्तविक असाक्षरों की पहचान, शत-प्रतिशत सर्वेक्षण, पंजीयन, नियमित अध्ययन, मूल्यांकन और परीक्षा में सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान एप और पोर्टल के संचालन एवं उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को असाक्षरों के सर्वेक्षण, ऑनलाइन पंजीयन, शिक्षार्थियों और अक्षर साथियों के पंजीकरण, अध्ययन केंद्रों के संचालन, प्रगति अद्यतन तथा परीक्षा संबंधी मॉड्यूल के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि एप और पोर्टल पर सभी जानकारी समय-सीमा में शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित दर्ज की जाए, ताकि कार्यक्रम की ऑनलाइन समीक्षा और मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो सके। प्रशिक्षण में अक्षर साथी की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं तथा महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को अधिक से अधिक अक्षर साथी बनाया जाएगा। ये अक्षर साथी असाक्षर व्यक्तियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें अध्ययन केंद्रों से जोड़ेंगे, नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करेंगे और परीक्षा में शामिल कराने में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही सामाजिक चेतना केंद्र एवं अध्ययन केंद्रों के संचालन, साक्षरता पंजी, शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), जन-जागरूकता गतिविधियों, वैज्ञानिक सर्वेक्षण की प्रक्रिया तथा साक्षरता की नवीन अवधारणा की जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों को दीवार लेखन, घर-घर संपर्क, ग्राम स्तरीय बैठकों और विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण में यह भी निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग विकासखंड और जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा की जाएगी। मॉनिटरिंग के दौरान अध्ययन केंद्रों का संचालन, शिक्षार्थियों की उपस्थिति, अक्षर साथियों की सक्रियता, हृढ्ढरुक्क पोर्टल पर दर्ज प्रगति, सर्वेक्षण, पंजीयन, शिक्षण-अधिगम गतिविधियों तथा परीक्षा की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशिक्षण के समापन पर अधिकारियों, शिक्षकों, जनशिक्षकों, संकुल समन्वयकों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा अक्षर साथियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए शत-प्रतिशत सर्वेक्षण, पंजीयन, नियमित अध्ययन और परीक्षा में सहभागिता सुनिश्चित कर हरदा जिले को पूर्ण साक्षर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।





