– विश्व मंच पर भारत का गौरव, लंदन में होगा मां नर्मदा की महिमा का गुणगान
प्रदीप साहू, खातेगांव। 87 देशों के 450 प्रतिभागियों में से क्यूएस इम्पैक्ट-ग्लोबल डे ऑफ एक्शन 2026 के टॉप 10 एम्बेसडर में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली खातेगांव की बेटी दीप्ति रायसिंह तोमर अब लंदन में आयोजित होने वाले यूथ समिट 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। शनिवार को खातेगांव नगर में प्रेस वार्ता आयोजित कर दीप्ति तोमर ने पत्रकारों को बताया कि क्यूएस इम्पैक्ट एक वैश्विक पहल है, जिसे क्वाक्वारेली साइमंड्स (क्यूएस) संचालित करता है। क्यूएस वही संस्था है जो दुनिया की प्रसिद्ध क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी करती है और युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने का कार्य करती है। यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल गोल्स से जुड़े सामाजिक एवं पर्यावरणीय बदलाव के लिए कार्य करने वाले युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करती है। उल्लेखनीय है कि विगत चार वर्षों से दीप्ति सामाजिक क्षेत्र में कार्य करते हुए महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं, किशोरियों एवं युवाओं के साथ आजीविका सशक्तिकरण, नेतृत्व विकास एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। दीप्ति यूनिसेफ के साथ कुपोषण उन्मूलन, बाल अधिकार जागरूकता तथा मां नर्मदा स्वच्छता जागरूकता अभियान जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर चुकी हैं। मां नर्मदा स्वच्छता जागरूकता अभियान के अंतर्गत नेशनल यूथ क्लाइमेट चैंपियन के रूप में मध्यप्रदेश का नेतृत्व करते हुए उन्होंने स्कूल एवं कॉलेज के 500 से अधिक युवाओं को इस जन-जागरूकता अभियान से जोड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित किया। दीप्ति उन्नीपथ फाउंडेशन की संस्थापक हैं तथा समाज में स्थायी एवं सकारात्मक परिवर्तन के उद्देश्य से निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही वे राष्ट्रीय युवा जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश की स्टेट एम्बेसेडर के रूप में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। दीप्ति के सराहनीय कार्यों के चलते, इसी वर्ष राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के अवसर पर उन्हें भोपाल में उदिता सम्मान से सम्मानित किया गया। वे पूर्व में कई बार राष्ट्रीय स्तर पर वाद-विवाद, राज्य स्तर पर शतरंज एवं बैडमिंटन में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी है। यह उपलब्धि केवल दीप्ति तोमर की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारत की युवा शक्ति, नेतृत्व क्षमता और समाज सेवा के प्रति समर्पण का वैश्विक सम्मान है। दीप्ति तोमर की यह उपलब्धि देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से दीप्ति तोमर ने एक बार फिर खातेगांव का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।



