पीडब्ल्यूडी की लापरवाही बनी आफत, सड़क ने डुबोए ग्रामीणों के घर

-जल निकासी की व्यवस्था किए बिना बनी सड़क
-दो दिन की बारिश में घरों में घुसा पानी
-प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश भी बेअसर

अनोखा तीर, मसनगांव। विकास के नाम पर बनाई जा रही सड़क अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत का कारण बन गई है। ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम गांगला में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा स्टेट हाईवे से हंडिया तक बनाई जा रही सड़क ने पहली ही बारिश में विभागीय लापरवाही की पोल खोल दी। जल निकासी की समुचित व्यवस्था किए बिना सड़क निर्माण किए जाने से दो दिन की लगातार बारिश का पूरा पानी गांव की आबादी में घुस गया। कई घरों में पानी भरने से गृहस्थी अस्त-व्यस्त हो गई। अनाज, बिस्तर और घरेलू सामान खराब हो गया, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण शुरू होने के समय ही उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया था कि यदि नाली और पुलिया का निर्माण नहीं किया गया तो बारिश का पानी सीधे बस्ती में आएगा। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी ने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। नतीजतन पहली तेज बारिश में ही सड़क ग्रामीणों के लिए राहत के बजाय आफत बन गई। बारिश के कारण नर्मदा डोयरे, रामकृष्ण रायखेरे, राधाकिशन धार्मिक, हीरालाल धार्मिक, रविशंकर धार्मिक, अमृतलाल धार्मिक सहित कई परिवारों के घरों में पानी भर गया। लोगों को अपना सामान बचाने के लिए पड़ोसियों के घरों में रखना पड़ा। कई परिवार पूरी रात जलभराव के बीच गुजारने को मजबूर रहे। सबसे गंभीर बात यह रही कि पानी निकासी की व्यवस्था कराने के लिए जनपद पंचायत और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजली जोसफ द्वारा भी पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से चर्चा की गई थी, लेकिन विभाग ने प्रशासनिक निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं लिया। इसका खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है और आगामी चार माह तक बारिश के मौसम में परेशानी बढ़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने जब हरदा एसडीएम अशोक डेहरिया को पूरे मामले से अवगत कराया तो उन्होंने पीडब्ल्यूडी के एसडीओ को मौके पर भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन शाम तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। पंचायत सचिव नंदलाल बघेल ने बताया कि पंचायत की ओर से पीडब्ल्यूडी विभाग को पहले ही नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था करने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही के कारण आज ग्रामीणों के घरों में पानी भरने की स्थिति बनी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में तत्काल नाली एवं पुलिया का निर्माण कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।

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