अनोखा तीर, हरदा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, मप्र हाईकोर्ट एवं संरक्षक-प्रमुख, मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार धारा-138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881) के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित चेक अनादरण (चेक बाउंस) के प्रकरणों के निराकरण के लिए 18 जुलाई एवं 21 नवंबर को विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस से संबंधित प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित एवं सरल तरीके से निराकरण किया जाएगा। इससे पक्षकारों को न्यायालयीन प्रक्रिया में लगने वाले समय एवं अनावश्यक खर्च से राहत मिलेगी तथा आपसी सहमति से विवाद का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा ने संबंधित पक्षकारों, अधिवक्ताओं, बैंक प्रतिनिधियों एवं वित्तीय संस्थानों से अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण कराकर लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की है। विशेष लोक अदालतों के संचालन से संबंधित गतिविधियों के समन्वय, निगरानी एवं पर्यवेक्षण के लिए जिला मुख्यालय हरदा में पदस्थ न्यायिक अधिकारी जयदीप सिंह, विशेष न्यायाधीश को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। विशेष लोक अदालत की तैयारियों एवं प्रकरणों की पहचान के संबंध में न्यायिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। प्रकरणों के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय हरदा में दो तथा तहसील न्यायालय टिमरनी एवं खिरकिया में एक-एक लोक अदालत खंडपीठ गठित की गई है। न्यायालय द्वारा पक्षकारों के बीच सुलह-समझौते के प्रयास के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
चेक बाउंस के प्रकरणों के निराकरण हेतु लगेगी विशेष लोक अदालत

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