Skip to content
Sunday, 18 October 2026
हरदा

जबलपुर के ग्वारीघाट से शुरू की दण्डवत परिक्रमा, 7-8 वर्षों में होगी पूर्ण  

1 min read
Text Size:

अनोखा तीर, हंडिया। पुण्य सलिला मां नर्मदा के पावन तट के किनारे सैकड़ों की संख्या में नर्मदा भक्तों की आस्था देखते ही बनती है। कोई भक्त पैदल परिक्रमा करता है, तो कुछ बसों एवं निजी वाहनों से यात्रा करते हैं। वहीं कुछ श्रद्धालु दण्डवत, गिलहरी एवं बंदर कूद परिक्रमा भी करते हैं। सभी श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार नर्मदा परिक्रमा पूर्ण करते हैं, लेकिन दण्डवत परिक्रमा को सबसे कठिन माना जाता है। इस परिक्रमा को पूर्ण करने में सामान्यत: 7 से 8 वर्ष का समय लग जाता है। इसी क्रम में जबलपुर के ग्वारीघाट से दण्डवत परिक्रमा कर रहे सागर जिले के मानगिरी महाराज इन दिनों हण्डिया क्षेत्र से गुजर रहे हैं। मानगिरी महाराज ने बताया कि वे पिछले 4-5 माह से दण्डवत परिक्रमा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के आदेश से उन्होंने यह परिक्रमा शुरू की है। उन्होंने बताया कि दण्डवत परिक्रमा के दौरान वे प्रतिदिन केवल 1 से 2 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पाते हैं। कठिन तप और अटूट आस्था से की जा रही यह परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

0 Views
What do you think?

Leave a Reply