अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेष:

-खंडवा के गणगौर घाट पर जल में योग की अनूठी साधना

अनोखा तीर, खंडवा। योग को लेकर देश और दुनिया में बढ़ती जागरूकता के बीच खंडवा का आबना नदी स्थित गणगौर घाट अपनी अनूठी पहचान बना रहा है। यहां रोजाना सुबह बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं न केवल तैराकी का अभ्यास करते हैं, बल्कि नदी की लहरों पर संतुलन बनाकर जल योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास भी करते हैं। 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यह अनूठा जल योग लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए योग दिवस को आज राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है। योग दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और इस वर्ष भी योग के प्रति लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
आबना नदी के गणगौर घाट पर वर्षों से संचालित गतिविधियों के तहत तैराकी के साथ-साथ जल योग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। नदी के बीच पानी पर संतुलन बनाते हुए प्रतिभागी विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करते हैं। जल में किए जाने वाले प्रमुख आसनों में ताड़ासन, वृक्षासन, पद्मासन, मत्स्यासन, शवासन तथा अन्य योग मुद्राएं शामिल हैं। इसके साथ ही सूर्य नमस्कार, वज्रासन, अनुलोम-विलोम और ‘ओमÓ के उच्चारण का भी नियमित अभ्यास कराया जाता है। आबना नदी पर सक्रिय लहरों के राजा तैराकी संघ द्वारा बच्चों और युवाओं को जल योग का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षकों अरविंदर सिंह सचदेव, राजकुमार सिसोदिया, गजेन्द्र मालवे, महेश कुमार जांगिड़ एवं यूसुफ राजा की निगरानी में प्रतिभागियों को नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। जल के बीच संतुलन बनाकर योग करना सामान्य योग की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसके लिए एकाग्रता, संतुलन और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि बच्चों और युवाओं के साथ-साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी इस अभ्यास में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों का अनुशासन, समर्पण और उत्साह साफ दिखाई देता है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि जल योग के माध्यम से लोगों को योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों और युवाओं की यह पहल लोगों को योग अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित कर रही है। आबना नदी की लहरों पर किया जा रहा यह जल योग न केवल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य, संतुलन और योग के महत्व का संदेश भी दे रहा है। खंडवा का लहरों के राजा तैराकी संघ पूर्व में भी अपने अनूठे आयोजनों के लिए चर्चा में रहा है। समूह द्वारा नदी में तैरते हुए योग प्रदर्शन, कावड़ यात्रा तथा तिरंगा यात्रा जैसे आयोजन किए जा चुके हैं। तैराकी के माध्यम से निकाली गई तिरंगा यात्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई भी दी थी। आज यह समूह जल योग के माध्यम से योग और स्वास्थ्य के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

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