खाद संकट और महंगे बीजों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

-किसानों को तत्काल राहत देने की मांग
अनोखा तीर, हरदा। खरीफ सीजन से पहले जिले में डीएपी खाद की कमी, महंगे उर्वरकों और बीजों की समस्या को लेकर जिला कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सांई ने ज्ञापन के माध्यम से किसानों को तत्काल डीएपी एवं यूरिया खाद उपलब्ध कराने तथा लघु एवं सीमांत किसानों को अनुदान पर बीज उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि मानसून आगमन के साथ किसानों को खरीफ फसलों की बोनी करनी है, लेकिन जिले में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों को सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी फसलों के लिए डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। समय पर खाद नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जिले में डीएपी के स्थान पर एनपीके उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनकी कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। मोहन सांई का कहना है कि कुछ समय पहले तक कम कीमत में मिलने वाले उर्वरक अब काफी महंगे हो गए हैं, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। किसानों ने ई-टोकन व्यवस्था पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जिनके पास स्मार्ट फोन या तकनीकी सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें खाद प्राप्त करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि पूर्व की व्यवस्था के अनुसार किसानों को नगद भुगतान पर आसानी से खाद उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन में लघु एवं सीमांत किसानों को कृषि विभाग के माध्यम से अनुदान पर बीज उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। साथ ही सोसायटियों के माध्यम से अनुदानित दरों पर सोयाबीन बीज वितरण की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि खाद उपलब्धता में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। मोहन सांई ने मुख्यमंत्री से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खाद एवं बीज की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

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