-शिक्षकों ने सीखे नवाचारी प्रयोग एवं मॉडल निर्माण
अनोखा तीर, हरदा। हरदा जिले के आदिवासी एवं अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों के शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने तथा विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों के अध्यापन को अधिक प्रभावी एवं गतिविधि आधारित बनाने के उद्देश्य से त्रिदिवसीय विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान नवाचारी खगोलीय प्रयोग एवं मॉडल निर्माण प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल के सहयोग एवं उत्प्रेरक से तथा विज्ञान लोकप्रियकरण एवं सामाजिक शोध संस्थान द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में एडीपीसी समग्र शिक्षा अभियान ओ.एस. महाजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भोपाल से दीपक सोनी, मध्यप्रदेश विज्ञान सभा से आशीष पारे तथा सागर से मनोज जैन भी उपस्थित रहे। प्रथम दिवस में लोक शिक्षण संचालनालय से आए कार्यक्रम के सूत्रधार दीपक सोनी ने खगोलीय मॉडल निर्माण एवं प्रयोग विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने खगोल विज्ञान से संबंधित विभिन्न मॉडलों का प्रदर्शन करते हुए सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण तथा अन्य खगोलीय घटनाओं के वैज्ञानिक कारणों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही शिक्षकों को सरल प्रयोगों और मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने के उपाय बताए। मध्यप्रदेश विज्ञान सभा से आए आशीष पारे ने हरदा जिले के विद्यालयों में विज्ञान को लोकप्रिय बनाने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, खगोल विज्ञान एवं भूगोल के बीच अंतर्संबंधों को रोचक और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया। सागर से आए प्राध्यापक डॉ. मनोज जैन ने इतिहास विषय की विभिन्न बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षणार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की तथा विषयों के समन्वित अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ओ.एस. महाजन ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के विभिन्न विकासखंडों में भी आयोजित किए जाएंगे तथा विद्यालयों में प्रयोगशालाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा प्राप्त हो सके। मुख्य अतिथि डी.एस. रघुवंशी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी स्वयं प्रयोग करके सीखते हैं तो उनका ज्ञान अधिक स्थायी और प्रभावी बनता है। उन्होंने जिले में विज्ञान एवं खगोल विज्ञान प्रयोगशालाओं के विस्तार और संचालन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में संस्था के प्रभारी प्राचार्य संतोष सिधना, अभिनव राजपूत एवं मनीष सोनकिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विज्ञान अधिकारी योगेन्द्र सिंह ठाकुर द्वारा किया गया।



