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Thursday, 29 October 2026
हरदा

परमा एकादशी पर दिव्य रूप में सजे ‘हरदा नरेशÓ

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-आम के पत्तों और पुष्पों से सजा बाबा श्याम का दरबार
-श्रद्धालुओं ने किया पुण्य लाभ अर्जित

अनोखा तीर, हरदा। पुरुषोत्तम मास की पावन परमा एकादशी के अवसर पर प्रताप सिटी कॉलोनी स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह मंदिर के पट खुलते ही बाबा श्याम के दिव्य एवं मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा मंदिर परिसर दिनभर जय श्री श्याम और हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा के जयघोषों से गूंजता रहा। इस विशेष अवसर पर बाबा श्याम के दरबार को पारंपरिक एवं प्राकृतिक शैली में भव्य रूप से सजाया गया। दरबार में आम के पत्तों, रंग-बिरंगे ताजे पुष्पों और आकर्षक मालाओं से अलौकिक श्रृंगार किया गया। वहीं मनमोहक विद्युत सज्जा ने मंदिर की दिव्यता को और भी बढ़ा दिया। देर रात तक मंदिर के सेवकों एवं प्रताप सिटी के श्रद्धालुओं ने सजावट कार्य में जुटकर दरबार को ऐसा स्वरूप दिया, जो सुबह भक्तों के लिए किसी दिव्य दर्शन से कम नहीं था। मंदिर के मुख्य पुजारी नरेंद्र पुरोहित ने परमा एकादशी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास की परमा एकादशी अत्यंत पुण्यदायी मानी गई है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी एवं कलयुग के अवतारी बाबा श्याम की आराधना करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने कहा कि अधिकमास में किया गया जप, तप, दान और सेवा विशेष फलदायी मानी जाती है। परमा एकादशी पर भक्तों ने भी बाबा श्याम को रिझाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। मंदिर में विशेष रूप से पान का भोग अर्पित किया गया, जो प्रत्येक एकादशी पर बाबा को समर्पित करने की परंपरा का हिस्सा है। इसके साथ ही फल, केले एवं फरियाली खिचड़ी की प्रसादी का वितरण किया गया। अनेक श्रद्धालुओं ने बाबा को निशान (ध्वज) अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की प्रार्थना की। दिनभर मंदिर में दर्शन, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और सेवा कार्यों का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से उन्हें आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और बाबा श्याम के प्रति अटूट आस्था का अनुभव होता है। परमा एकादशी के इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर प्रताप सिटी स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर को श्रद्धा, सेवा और भक्ति का केंद्र बना दिया, जहां देर शाम तक भक्तों का आगमन निरंतर जारी रहा।

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