-अक्षर साथी बनाए गए
अनोखा तीर, हरदा/हंडिया। जनशिक्षा केंद्र हंडिया के अंतर्गत आने वाले गांवों में उल्लास नवभारत साक्षरता एवं समग्र अभियान के तहत ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में जिला सह समन्वयक मुकेश शर्मा, जनशिक्षक अनूप शर्मा, रामविलास कर्मा, संकुल सह समन्वयक अरविंद जायसवाल एवं ग्राम नोडल अधिकारी शेख अनवर, रामस्वरूप यादव, श्रीमती कला सरवरे सहित अन्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में छोटी मैदा, बड़ी मैदा, गौला एवं मालपोन गांवों में ग्राम चौपाल लगाई गई। इस दौरान जिला सह समन्वयक मुकेश शर्मा ने अक्षर साथी और पंजीयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि असाक्षरों को पढ़ाने के लिए अक्षर साथी कैसे बनाए जाते हैं और कौन व्यक्ति इसके लिए पात्र हो सकता है। उन्होंने बताया कि ग्राम का कोई भी पढ़ा-लिखा पुरुष या महिला राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा बनाए गए ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर पंजीयन कर सकता है। पंजीयन के बाद संबंधित ग्राम के स्कूल का चयन किया जाता है तथा जानकारी अपलोड करने के बाद ग्राम नोडल अधिकारी या जिला स्तर से सत्यापन उपरांत यूजर आईडी और पासवर्ड जारी किया जाता है। इसके माध्यम से अक्षर साथी असाक्षरों का समग्र आईडी से पंजीयन कर सकते हैं। असाक्षरों की पहचान के बारे में बताया गया कि जिन व्यक्तियों को बुनियादी साक्षरता का ज्ञान नहीं है या जो कक्षा तीसरी स्तर तक भी पढ़ने-लिखने में दक्ष नहीं हैं, उन्हें असाक्षर माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति के पास साक्षरता का प्रमाण नहीं है तो भी उसे असाक्षर की श्रेणी में रखा जा सकता है। पंजीयन के लिए समग्र आईडी आवश्यक होती है। ऐप के माध्यम से असाक्षरों को पढ़ाने की व्यवस्था भी समझाई गई। इसके तहत वीडियो, अक्षर पोथी आदि सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसे सामाजिक चेतना केंद्र, घर या अन्य स्थानों पर चलाया जा सकता है। ग्राम में अक्षर साथी बनने की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। कार्यक्रम में बताया गया कि राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा वर्ष में दो बार परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसके आधार पर प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। ग्राम चौपाल में कुल 5 अक्षर साथी बनाए गए। जिनमें तृप्ति आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, संध्या धनगर सामाजिक सेवा, सरोज आशा कार्यकर्ता, मीनाक्षी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं संगीता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। इन्हें दो असाक्षरों का पंजीयन कर प्रशिक्षण भी दिया गया। साथ ही ग्राम नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं छात्र-छात्राओं को भी अक्षर साथी बनाकर पंजीयन कार्य में शामिल किया जाए तथा नियमित रूप से सामाजिक चेतना केंद्र संचालित किए जाएं। कार्यक्रम में मेगा अपार आईडी अभियान के तहत भी जानकारी दी गई। जनशिक्षक अनूप शर्मा ने बताया कि प्रत्येक शनिवार मेगा अपार आईडी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके तहत विद्यार्थियों के अभिभावकों को आधार एवं समग्र आईडी की अनिवार्यता के बारे में बताया गया तथा स्कूल चले हम अभियान के अंतर्गत 16 जून से विद्यालय प्रारंभ होने की जानकारी दी गई। सभी को बच्चों की शिक्षा के महत्व और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।



