-मूंग पंजीयन के लिए समिति के चक्कर लगा रहे किसान
अनोखा तीर, मसनगांव। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी के लिए 26 मई से गिरदावरी कार्य प्रारंभ किया गया है, लेकिन मसनगांव क्षेत्र में दस दिन बीत जाने के बाद भी गिरदावरी का कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे मूंग बेचने के इच्छुक किसानों के सामने पंजीयन की समस्या खड़ी हो गई है और उन्हें बार-बार समिति एवं संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्राम के किसान रामदास पाटिल, रामनिवास रायखेरे एवं भागीरथ भायरे का कहना है कि इस वर्ष गांव में बड़ी संख्या में मूंग की फसल बोई गई थी, जिसकी अधिकांश किसानों ने कटाई भी पूरी कर ली है। वहीं मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना को देखते हुए कई किसानों ने खेतों में बखरनी एवं अगली फसल की तैयारी भी शुरू कर दी है। ऐसे में समय पर गिरदावरी नहीं होने से किसानों में चिंता बढ़ गई है कि फसल की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कैसे होगा और वे समर्थन मूल्य पर मूंग विक्रय के लिए पंजीयन करा पाएंगे या नहीं। किसानों का आरोप है कि गिरदावरी के अभाव में पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीयन नहीं होने पर अनेक किसान शासन की खरीदी व्यवस्था का लाभ लेने से वंचित रह सकते हैं। किसानों ने बताया कि वे लगातार समिति और राजस्व विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। जिला प्रशासन द्वारा गिरदावरी का कार्य संबंधित हल्कों के पटवारियों को सौंपा गया है। इसके बावजूद ग्राम के पटवारी द्वारा अभी तक गिरदावरी कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र ही गिरदावरी नहीं हुई तो पंजीयन की अंतिम तिथि नजदीक आने के कारण बड़ी संख्या में किसान मूंग विक्रय से वंचित रह सकते हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गिरदावरी कार्य तत्काल शुरू कराया जाए तथा पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए किसानों को पर्याप्त समय दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के अवसर से वंचित न रहे। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि शासन द्वारा मूंग खरीदी की व्यवस्था किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर गिरदावरी में हो रही देरी इस उद्देश्य पर पानी फेरती नजर आ रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या उठाएंगे। इस संबंध में हरदा तहसीलदार राजेंद्र पवार ने बताया कि चार-पांच गांवों में गिरदावरी का कार्य नहीं हो पाया है। पटवारियों को गिरदावरी कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
दस दिन में हुआ केवल एक पंजीयन
ग्राम की समिति में सात गांवों के 600 से अधिक किसानों का पंजीयन होना है, लेकिन गिरदावरी नहीं होने के कारण अब तक केवल कमताड़ा के एक किसान का ही पंजीयन हो पाया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो क्षेत्र के कई किसान पंजीयन से वंचित रह सकते हैं।
————————-



