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Sunday, 18 October 2026
हरदा

आदिवासियों ने निकाली पदयात्रा, राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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-गंजाल डैम परियोजना निरस्त करने, यूरिया खाद उपलब्ध कराने और वन अधिकार पट्टे देने की मांग
अनोखा तीर, सोडलपुर। वनांचल क्षेत्र के विभिन्न गांवों से जयस संगठन के नेतृत्व में निकाली जा रही चार दिवसीय पदयात्रा का समापन मंगलवार को सोडलपुर के कान्हा बाबा चौक पर हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी एवं ग्रामीण एकत्रित हुए और टिमरनी एसडीएम संजय नागू को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में आदिवासियों ने प्रस्तावित गंजाल डैम परियोजना को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि परियोजना के कारण अनेक आदिवासी और ग्रामीण परिवारों के विस्थापित होने की आशंका है। इससे किसानों की कृषि भूमि, वन भूमि तथा आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए परियोजना को तत्काल निरस्त किया जाए। इसके अलावा किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में कहा गया कि खरीफ सीजन से पहले क्षेत्र के किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। सभी सहकारी समितियों एवं वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाए तथा वनग्राम कायदा सहकारी समिति और राजा बरारी में नगद वितरण केंद्र स्थापित किए जाएं। जिन किसानों के पास भूमि के पट्टे नहीं हैं, उन्हें ग्राम पंचायत के सत्यापन के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जाए। आदिवासियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि कई गांवों में लोग दूषित एवं असुरक्षित पानी पीने को मजबूर हैं। बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाए, नई पेयजल योजनाएं स्वीकृत की जाएं तथा नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन में वनवासी एवं आदिवासी परिवारों को वन अधिकार पट्टे प्रदान करने, पेसा कानून एवं संवैधानिक प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन करने की मांग भी शामिल रही। पदयात्रा के समापन अवसर पर टिमरनी थाना प्रभारी मुकेश गौड़ भी मौजूद रहे। इस दौरान जयस संगठन के जिला संरक्षक धनसिंह भलावी, जिला अध्यक्ष सत्यनारायण सुचार, जिला प्रभारी राकेश काकोड़िया, जिला प्रवक्ता शालिगराम धुर्वे, जिला उपाध्यक्ष विनोद पडम, जिला संयोजक राजा रावण पडते, जिला वन प्रभारी रामेश्वर धुर्वे सहित बड़ी संख्या में आदिवासी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
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